पुरकाजी। पुलिस ने गांव नूरनगर में हुई फायरिंग की घटना में मृतक तितावी गन्ना समिति के पूर्व संचालक कृष्णपाल के हत्यारोपी दीपचंद व उसके पुत्र अंशुल का पुलिस ने बुधवार को चालान कर दिया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक व कारतूस बरामद किए हैं। कोर्ट ने दोनों को जेल भेज दिया।
क्षेत्राधिकारी सदर राजू साव ने बताया कि जमीनी विवाद के चलते सोमवार शाम छह बजे दो सगे भाइयों नूरनगर में पूर्व प्रधान दीपचंद व तितावी गन्ना समिति के संचालक कृष्णपाल पक्ष में फायरिंग हो गई। इसमें गोली लग जाने से कृष्णपाल की मौत हो गई।
पुलिस ने मंगलवार को मृतक के पुत्र अंकित की तहरीर पर दीपचंद व उसके पुत्र अंशुल और जोनू उर्फ प्रताप के विरुद्ध हत्या व जानलेवा हमला और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने बुधवार को मुखबिर की सूचना पर गांव नूरनगर मारकपुर बाईपास पर कालूराम की समाधि के पास से दीपचंद व उसके पुत्र अंशुल को गिरफ्तार किया है। उनकी निशानदेही पर पास के ही जंगल से घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक व एक देसी तमंचा और आठ कारतूस बरामद किए हैं। बंदूक का लाइसेंस दीपचंद के नाम है। पुलिस ने दोनों आरोपियों का चालान कर दिया है। तीसरे आरोपी की तलाश की जा रही है।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने जमीनी विवाद में घटना को अंजाम देना बताया है। कोर्ट में पेश करने पर वहां से दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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आरोपियों ने खुद को भी बताया था घायल
बता दें कि घटना वाले दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने बताया था कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं दोनों आरोपियों ने भी हमले में खुद को घायल होना बताया था। उन्हें अस्पताल में उपचार भी दिलाया गया। अब पुलिस ने दोनों का चालान किया है।