किसान महापंचायत : सियासी दलों ने सेवा कर टटोली किसानों की नब्ज
मुजफ्फरनगर। संयुक्त किसान मोर्चा की महापंचायत में विपक्षी दलों को मंच नहीं मिला। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान के बाहर किसानों की नब्ज टटोलने में सियासी दलों ने कोई कमी बाकी नहीं रखी। रालोद नेताओं ने पूरी ताकत झोंक दी। उन्होंने किसानों पर पुष्प वर्षा की। पश्चिम उत्तर प्रदेश के रालोद नेता सरकुलर रोड पर किसानों की भीड़ का मिजाज टटोलते हुए नजर आए। सपा और कांग्रेस ने भी किसानों का मन का हाल जानने की कोशिश की।
जीआईसी के मंच पर विपक्षी दलों को संयुक्त किसान मोर्चा ने चढ़ने की अनुमति नहीं दी। हालांकि सरकुलर रोड और इसके आसपास लगभग सभी दलों के नेता जमे हुए नजर आए। रालोद का कार्यालय सरकुलर रोड पर ही है। यहां पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी नेता किसानों का मिजाज भांपने के लिए पहुंचे थे। रालोद नेता पूर्व विधायक राजपाल बालियान, जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर, जगपाल सिंह, सतवीर वर्मा, मास्टर उदयवीर, ओंकार बालियान, विदित मलिक, आदेश तोमर, काजी जहीर, काजी वाजिद ने भंडारे की कमान संभाली। पूर्व विधायक वीरपाल राठी, अशरफ अली, पूर्व विधायक राव वारिस, सुधीर भारतीय, तिरसपाल मलिक, शामली के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रसन्न चौधरी, संजय राठी किसानों के बीच पहुंचकर मन टटोलते हुए नजर आए। किसानों के लिए रालोद ने कई जगह भंडारे चलाए।
सपा नेताओं ने भी कई जगह भंडारे चलाए और किसानों की सेवा की। कांग्रेस की ओर से पूर्व सांसद हरेंद्र मलिक के निर्देशन में कई स्थानों पर भंडारे चले। असल में विधानसभा चुनाव से पहले किसानों को रिझाने के लिए भी राजनीतिक दलों ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। हालांकि मंच पर भी सियासी लोगों को जगह नहीं मिल सकी।