मीरापुर का आकांक्षा डिग्री कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला
कठुआ कांड में पठानकोट की विशेष अदालत द्वारा छात्र विशाल जंगोत्रा को बरी किए जाने पर मीरापुर निवासी उसकी मकान मालकिन सुमन शर्मा ने कोर्ट के निर्णय को सही ठहराया है। सुमन का कहना है कि वह पहले से ही कह रही थी कि वह निर्दोष था। उसे एसआइटी ने केस में झूठा फंसाया है। उसने जो फोटो कोर्ट में पेश किए, उन्हें एसआईटी वाले उसके मोबाइल से डिलीट कर चुके थे, मगर व्हाट्सअप की गैलरी में एक फोटो मिल गया, जो कोर्ट में पेश किया। साथ ही उन बैंकों के फुटेज भी कोर्ट में दी, जहां पर विशाल रुपये निकालने के लिए एटीएम में गया था।
पुरानी सब्जी मंडी निवासी सुमन शर्मा विद्यार्थियों को कमरे किराए पर देती है, इसी से ही वह परिवार का भरण पोषण करती है। सुमन ने बताया कि वर्ष 2017 में आकांक्षा कॉलेज में बीएससी कृषि प्रथम वर्ष में एडमिशन के बाद विशाल अपने दोस्तों के साथ यहां आया था। उसने ऊपर कमरा किराये पर लिया था। कठुआ की घटना के दौरान 10 जनवरी से 16 जनवरी तक विशाल यहां पर था। इस दौरान उसने खतौली में केके जैन डिग्री कॉलेज में परीक्षा भी दी थी। इस अवधि में 13 जनवरी को लोहड़ी पर्व तथा 14 जनवरी को मेरा और 16 जनवरी 2018 को पौत्री आस्था का जन्मदिन मनाया गया।
इन समारोहों में विशाल शामिल रहा, जिसके फोटो मेरे मोबाइल फोन में थे। कठुआ कांड के बाद 17 मार्च 2018 को जम्मू एसआईटी उसे यहां गिरफ्तार करने पहुंची थी। विशाल को पकड़ने पर उसने उसे निर्दोष बताते हुए मोबाइल फोन की फोटो एसआईटी के इंस्पेक्टर अशफाक बानी को दिखाए थे, जिस पर उसने मोबाइल लेकर फोटो डिलीट कर दिए थे, मगर एक फोटो व्हाट्सअप की गैलरी में बच गया था। सुमन का कहना है कि एसआईटी वाले उसका बयान उर्दू में लिख कर ले गए थे।
साथ ही जब भी एसआईटी वाले आए, तो उन्होंने धमकी दी थी कि वह बयान देने के लिए कोर्ट में नहीं आए। इसी बीच एक टीवी चैनल की पत्रकार ने सुमन से संपर्क किया। सुमन ने उसे बताया कि घटना की अवधि के दौरान कमरे का किराया देने के लिए विशाल मीरापुर के एसबीआई और कारपोरेशन बैंक के एटीएम से रुपये निकालने गया था।
इसके बाद बैंक से उसकी फुटेज निकलवाई गई। कोर्ट से समन आने पर सुमन शर्मा पिछले माह बयान देने पठानकोट गई। वहां 13 और 14 मई को उसने कोर्ट के समक्ष अपने बयान दिए तथा मोबाइल की फोटो और बैंक की फुटेज भी कोर्ट में प्रस्तुत की। उसके बयान की वीडियोग्राफी कराई गई। सुमन के बयान और प्रस्तुत किए गए साक्ष्य भी विशाल की बेगुनाही में अहम रहे।