कठुआ कांड के मामले में पठानकोट की विशेष अदालत से बरी हुए विशाल जंगोत्रा की वारदात के वक्त कठुआ में मौजूदगी जम्मू एसआईटी कोर्ट में साबित नहीं कर पाई। विशाल के निर्धारित तारीखों में यहां परीक्षा दे रहा था और मकान मालकिन सुमन शर्मा के बयान की उसकी बेगुनाही में अहम भूमिका रही। सुमन शर्मा ने फैसले को सच की जीत बताया है। जम्मू एसआईटी ने 17 मार्च 2018 को मीरापुर कस्बे से कठुआ के रसाना गांव निवासी विशाल जंगोत्रा पुत्र सांझीराम हिरासत में लिया था।
विशाल जंगोत्रा गांव रसूलपुर स्थित आकांक्षा कॉलेज से बीएससी कृषि की पढ़ाई कर रहा था और उसने खतौली के केके जैन कालेज में 12 जनवरी 2018 को प्रात: दस से एक बजे तक परीक्षा दी थी। इस सेंटर पर आकांक्षा कॉलेज के दस परीक्षार्थी पंजीकृत थे। एसआईटी ने कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में कहा था कि उपस्थिति पंजिका विशाल के हस्ताक्षर मेल नहीं खाते हैं। उसकी जगह किसी दूसरे ने परीक्षा दी है। विशाल जंगोत्रा मीरापुर कस्बे में पुरानी सब्जी मंडी स्थित सुमन शर्मा के मकान में किराए पर रहता था।
सुमन शर्मा के बयान पठानकोट की विशेष अदालत में हुए। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि विशाल की 10 से 16 जनवरी 2018 तक मीरापुर में था। 14 जनवरी को उनका और 16 जनवरी को पौत्री आस्था शर्मा का बर्थ-डे था, जिसमें विशाल भी शामिल हुआ था। उस वक्त के फोटो भी कोर्ट में पेश किए। विशाल के मीरापुर के एटीएम से कैश विड्रो करने की फुटेज और बैंक रिकॉर्ड की डिटेल भी बड़ा सबूत बनी।
कोर्ट में बैंक अफसरों और परीक्षा केंद्र केके जैन डिग्री कॉलेज खतौली के प्राचार्य अरविंद कुमार के भी बयान अहम रहे। सुमन शर्मा विशाल को बरी किए जाने को सच की जीत बता रही है। हालांकि उन्हें अफसोस है कि केस में विशाल की गिरफ्तारी से उन्हें भी बदनामी झेलनी पड़ी। उनके यहां किराये पर स्टूडेंट रहते हैं, मगर इस प्रकरण के बाद कमरे खाली पड़े।
एसआईटी ने कालेज में साक्ष्य जुटाने को घंटों जांच पड़ताल की थी
खतौली। जम्मू के कठुआ कांड में गिरफ्तार किए गए छात्र विशाल जंगोत्रा द्वारा खतौली में खुद परीक्षा देने या न देने को लेकर एसआईटी टीम ने कालेज में पहुंचकर दो दिन तक घंटों जांच पड़ताल की थी। परीक्षाएं विशाल ने दी या किसी डमी छात्र से दिलवाई गई, इसके लिए टीम द्वारा उस कक्ष नंबर 6 को भी खुलवाकर जांच की थी। हालांकि उस कक्ष में सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा था।
कालेज में निगरानी को लगे 11 सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को चेक किया गया। एसआईटी टीम ने चार बार कालेज में जांच पड़ताल करके साक्ष्य जुटाए और उपस्थिति पंजिका को भी अपने साथ ले गई थी। खतौली के केके जैन डिग्री कालेज में 10 जनवरी 2018, व 12, 15, 17, 19, 24, 27, 29 व 30 जनवरी को विशाल जंगोत्रा ने परीक्षाएं दीं। एसआईटी टीम ने परीक्षाओं के दौरान तत्कालीन प्राचार्य डा. अरविंद कुमार के अलावा कक्ष निरीक्षकों से भी पूछताछ की थी।