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हाईवे बाईपास पर अधूरे निर्माण से बढ़ा हादसे का खतरा

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खतौली बाईपास पर हाईवे किनारे अधुरे पड़े काम दे रहे दुर्घटनाओं को दावत। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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हाईवे बाईपास पर अधूरे निर्माण से बढ़ा हादसे का खतरा
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मुजफ्फरनगर/खतौली। दिल्ली-दून हाईवे स्थित खतौली बाईपास पर धीमी गति से ओवरब्रिज के निर्माण चलने से कोहरे में सड़क हादसों का खतरा बढ़ गया है। निर्माण स्थल पर किसी तरह का संकेतक बोर्ड नहीं होने से भी घने कोहरे में मुसाफिरों को सड़क का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है।
दिल्ली-दून हाईवे पर खतौली बाईपास के भैंसी व भंगेला तिराहे पर हाईवे अथॉरिटी द्वारा यहां दो ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। दोनों ही स्थानों पर ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम दौर में है, लेकिन यह बेहद धीमी गति से चल रहा है। हाल ही में सुबह-शाम और रात में घना कोहरा छाना हो गया है, जिससे उक्त ओवरब्रिज निर्माण के स्थलों पर हादसों का खतरा बढ़ गया है। दरअसल, उक्त दोनों ही स्थानों पर निर्माणदायी संस्था द्वारा किसी तरह के संकेतक बोर्ड नहीं लगाए गए हैं, जिसके चलते लंबी दूरी से आने वाले वाहन चालकों को सड़क का अनुमान करना मुश्किल हो जाता है। वहीं, निर्माण स्थलों पर उपकरण भी पड़े हुए हैं, जिसके चलते घने कोहरे में वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने का भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। इसके अलावा, हाईवे पर गांव रायपुर नंगली के सामने निर्माण कार्य रुका हुआ है, वहीं हाईवे के कई स्थानों पर सड़क किनारे रेलिंग भी नहीं है। इसके चलते तेज रफ्तार वाहनों के घने कोहरे के चलते सड़क न दिखने के कारण गहरी खाई में गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
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एनएचएआई के परियोजना निदेशक दिनेश चतुर्वेदी का कहना है कि सर्दी की वजह से काम प्रभावित हो रहा है। फरवरी तक सभी काम पूरा करा लिया जाएगा। यदि कहीं डायवर्जन या संकेतक बोर्ड नहीं है तो वहां लगवाए जाएंगे, ताकि हादसे न हो सके।
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