देवबंद। थीतकी गांव निवासी शिया समुदाय के जीशान हैदर की मौत के मामले का गृह मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। उसने प्रदेश सरकार को जांच और कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है। गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव ने इस संबंध में यूपी सरकार को पत्र भेजा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस की शिकायतों से संबंधित 28 शिकायतकर्ताओं की सूची जारी की है। उसमें मृतक जीशान हैदर की पत्नी अफरोज का नाम भी शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से प्रदेश सरकार के गृह सचिव के नाम जारी पत्र में मामलों की जांच और कार्रवाई करने को निर्देशित किया गया है।
गौरतलब है कि विगत 5 सितंबर की रात्रि कोतवाली पुलिस ने गोकशी की सूचना पर थीतकी गांव के जंगल में छापा मारा था। इस दौरान थीतकी गांव निवासी जीशान हैदर की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि भागते वक्त अपने ही तमंचे से गोली लगने से जीशान घायल हुआ और दहशत के चलते उसकी मौत हुई है, जबकि जीशान की पत्नी अफरोज का आरोप था कि पुलिस ने पति को घर से बुलाकर उसकी हत्या की है। अफरोज ने तीन उप निरीक्षकों सहित 13 पुलिसकर्मियों पर पति की हत्या करने का आरोप लगाते हुए जनपद के अधिकारियों के साथ ही अल्पसंख्यक आयोग व गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसके बाद राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग व उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग ने संज्ञान लेते हुए आला अधिकारियों को जांच के लिए निर्देशित किया था। वर्तमान में क्राइम ब्रांच सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के एसपी सिटी अर्पित विजयवर्गी इसकी जांच कर रहे हैं।
शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने बताई थी बड़ी साजिश
देवबंद। पिछले सप्ताह शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद थीतकी गांव पहुंचे थे। जिन्होंने जीशान हैदर की मौत को बड़ी साजिश बताते हुए पुलिस पर सवालिया निशान खड़े किए थे, साथ ही कहा था कि वह इस मामले में पीएम मोदी से मिलकर पूरे मामले से अवगत कराते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। सपा शासन में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री सैयद ईसा रजा सहित शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास भी लगातार इस मामले में कार्रवाई कराने में लगे हुए हैं। मामले से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी अवगत कराया जा चुका है।