उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर से आने वाले नेता अब क्षेत्र में कार से आ रहे हैं। क्षेत्र का विकास उनके सामने है। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर वाले नेता चुनाव के समय दिखाई देते हैं और अब फिर से जनपद आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होने दिया जाएगा।
कृषि कानूनों की हिमायत करते हुए डॉ. बालियान ने कहा कि पहले गुड़ मंडी मेें जाने के लिए किसान को रिश्वत देनी पड़ती थी। आज किसी भी प्रदेश में कहीं भी किसान अपनी फसल को ले जाकर बेच सकता है। भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल ने कहा कि कृषि कानूनों को काले कानून बताने वालों ने कानून पढ़कर नहीं देखे। उनका उद्देश्य केवल सरकार का विरोध करना है।
उन्होंने कृषि कानूनों को किसानों का हितैषी बताया। आयोजक अवनीश चौधरी ने सभी भाजपा नेताओं का आभार जताया। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, विनीत कात्यान, राजेश संगल, ठाकुर रामनाथ सिंह, चेयरमैन प्रमेश सैनी, हरीश अहलावत, बड़ौत चेयरमैन अमित राणा व भाजपा के सभी मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। संचालन अवनीश चौधरी और विनीत कात्यान ने किया। भाजपा नेता अचिंत मित्तल, रमेश खुराना, राजीव गुर्जर और हरेंद्र शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
बालियान ने ताई के घर के कढ़ी-चावल चाव के साथ खाए
भाकियू की महिला नेता ताई सोहनवीरी रविवार को केंद्रीय राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान के आवास पर पहुंचीं। उन्हें अपने घर से लाए गए कढ़ी-चावल का प्रसाद दिया। बालियान ने प्रसाद को बड़े चाव के साथ खाया।
रविवार सुबह डॉक्टर संजीव बालियान आम जनता की समस्याएं सुन रहे थे। इसी बीच गांव दूधाहेड़ी की सोहनवीरी उनके पास पहुंचीं। भाकियू की महिला नेता ताई सोहनवीरी चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के संघर्षों में साथ रही हैं।
जिले में वह भाकियू की सबसे पुरानी महिला कार्यकर्ता हैं। उनके द्वारा लाए गए कढ़ी-चावल को डॉ. संजीव बालियान ने लोगों के बीच में बैठकर ही चाव के साथ खाए। ताई सोहनवीरी से बालियान को आशीर्वाद भी दिया और कहा कि हमारे जिले का नाम ऐसे ही करता रहना।
भाजपा और भाकियू के बीच चल रहे तनाव के बीच यह घटनाक्रम चर्चा का विषय बना है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान का कहना है कि वह अपने आवास पर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का सम्मान करते हैं। सोहनवीरी ताई बड़े ही श्रद्धा भाव से घर से कढ़ी-चावल लाई थीं, यह सब उनका हमारे प्रति प्यार है।
उधर, भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि ताई सोहनवीरी संगठन में किसी पद पर नहीं हैं। भाकियू की पुरानी कार्यकर्ता हैं। उनके व्यक्तिगत संबंध हो सकते हैं। उनके बालियान के घर जाने का संगठन से मतलब नहीं है।