ग्रामीणों को दिलाई दंगे की याद
किसान-मजदूर महासम्मेलन में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉक्टर संजीव बालियान और विधायक उमेश मलिक ने ग्रामीणों को वर्ष 2013 के सांप्रदायिक दंगे की याद दिलाई। केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान ने कहा कि दंगे के दौरान जिन्होंने अपनों के बीच आना पसंद नहीं किया, आज वे केवल वोट के मकसद से जनता के बीच पहुंच रहे हैं।
हम सुख-दुख के दौरान अपनों के बीच रहे हैं और अपनों के बीच ही रहेंगे। यहां तक कि अपनों के साथ जेल भी गए हैं। अपनों के बीच जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता। दंगे में हमारे युवाओं के खिलाफ अवैध रूप से मुकदमे दर्ज हुए। किसान खेत में जाने से डरने लगा था। खड़ी फसलें काटी जानेे लगी थी। उस खौफनाक मंजर को क्षेत्र की जनता कभी नहीं भूलेगी।
वहीं, विधायक उमेश मलिक ने कहा कि वर्ष 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे में कवाल गांव में नितिन व सचिन की हत्या के साथ-साथ 16 अन्य युवकों की हत्या हुईं, जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता। कुछ नेताओं ने रातोंरात तत्कालीन डीएम सुरेंद्र सिंह व एसएसपी मंजिल सैनी का स्थानांतरण करवाकर जिले को दंगे की आग में झोंक दिया था। आज फिर वही नेता जनपद में आग लगाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं होगा। लोगों को यह समझना होगा कि ये लोग जनता के बीच लोटा लेकर आते हैं, नमक डलवाते हैं और माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं। विधायक उमेश मलिक ने बिना नाम लिए जयंत चौधरी के मौहम्मद जौला के पैर छूने पर कटाक्ष किए।
सैनी बहुल गांव में हुआ सफल आयोजन
जाट बहुल गांवों में बढ़ते विरोध व कृषि कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन को लेकर भाजपा ने सैनी बहुल गांव लुहसाना में किसान-मजदूर महासम्मेलन का सफल आयोजन किया। सम्मेलन में लगातार केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी के नारे गूंजते रहे। महासम्मेलन में क्षेत्र के गांव सफीपुर, बवाना, खानपुर, भैंसाना व मदीनपुर आदि गांवों से हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे।