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Muzaffarnagar News: आम और लीची के बीच उगा रहे थाइलैंड के अमरूद

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नसीरपुर में खेत में जुताई करते रोहित प्रताप: संवाद
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मुजफ्फरनगर/चरथावल। जुनून और दृढ़ इच्छा शक्ति से नसीरपुर गांव के रोहित प्रताप सिंह ने पैतृक भूमि पर जैविक विधि से बागवानी की नई पहल की है। खेती-किसानी के प्रति उनका लगाव लुभाने वाला है। बहुराष्ट्रीय कंपनी में डायरेक्टर के पद पर कार्यरत एशिया का दायित्व निभाने वाले युवा ने गांव में 120 बीघा खेती की जमीन में नई किस्म के फलों की सात हजार पौध लगाई हैं। उन्होंने आम और लीची के पेड़ों के बीच सहफसली बागवानी की तरफ कदम बढ़ाया हैं। आने वाले दिनों में थाइलैंड के अमरूदों की खुशबू से गांव का जंगल महकेगा।
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बघरा ब्लॉक के नसीरपुर निवासी जिला बार संघ अध्यक्ष ठाकुर कंवरपाल सिंह के छोटे बेटे रोहित प्रताप फरीदाबाद में परिवार सहित रहते है। लंबे समय से निजी कंपनी में डायरेक्टर के पद पर हैं। फिलहाल एशिया पैसिफिक रिक्रूटमेंट के तहत 16 देशों में कंपनी में भर्तियों का जिम्मा निभा रहे हैं।
शहर में लग्जरी लाइफ स्टाइल, गांव में ट्रैक्टर से जुताई
कंपनी के काम विमान से देश-विदेश की सैर करने वाले रोहित का लाइफस्टाइल बेशक लग्जरी है, लेकिन गांव में ट्रैक्टर से खेतों की जुताई कर पसीना बहाना उनकी आदत में रम चुका है। खेती से खासा जुड़ाव हैं। चाहे फरीदाबाद हों, या कहीं किसी शहर में, वीकेंड पर शनिवार को सीधे गांव का रुख करते हैं। यहां खेत में पसीना बहाते हैं। खुद ट्रैक्टर से जुताई करते है। बताया कि बागवानी आरंभ करते वक्त शुरू में चिलचिलाती धूप में खाल झुलस गई लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। देश-विदेश के प्रचलित स्थानों से फलों की पौध लाकर कृषि भूमि में लगाई।
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हवाई जहाज से कोलकाता पहुंची अमरूद की 500 पौध
जंगली जानवरों से बचाव के लिए पूरे बाग की मजबूत जाली से फेंसिंग कराई गई। अमरूद की विशेष प्रजाति की 500 पाैध थाइलैंड से विमान द्वारा कोलकाता पहुंची। यह एक साल बाद फल देगी। कुल दो हजार अमरूद की पौध रोपित की गईं हैं, जिन्हें आम और लीची के बीच में सहफसली के रूप में लगाया है।
जैविक बागवानी की तरफ हैं रुझान
बरसात के दिनों में हजारों के तादात में पपीता, चीकू, नाशपाती, मौसमी, नींबू, कटहल, जामुन, अंजीर की पौध लगाई गई। सर्दियों में आडू और पुलम की पौध लगेगी। इनमें 10 बीघा में पॉपुलर की पौध है। पौधों के लिए नीम के तेल का छिड़काव और जैविक खाद का बंदोबस्त किया गया है। भविष्य में फलों का उत्पादन जैविक तरीके से करने का संकल्प है।
ऐसा है रोहित प्रताप का परिवार
रोहित प्रताप सिंह को मार्च 2023 में देश के 30 चुनिंदा लीडर्स में चयनित कर फोर्ब्स ने सम्मानित किया था। पिता ठाकुर कंवरपाल सिंह वरिष्ठ अधिवक्ता हैं और जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष है। बहन रागिनी सिंह न्यायिक सेवा में एचजेएस चयनित हुईं थीं और चंदौसी में एडीजे हैं। बड़ा भाई राहुल प्रताप एमएनसी में उच्च पद पर कार्यरत हैं।
युवाओं काे संदेश
बकौल, रोहित पुश्तैनी जमीन पूर्वजों की धरोहर होती है। चाहे किसी पद पर जॉब करें, लेकिन युवाओं को पुरखों की विरासत को सहेज कर रखना चाहिए। बदलते दौर में श्रमिकों की कमी और महंगे संसाधनों के कारण परंपरागत खेती में लागत बढ़ी है। ऐसे में बागवानी करने से कुछ साल बाद अच्छा मुनाफे मिलने की उम्मीद बनती है।
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