फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: एटा के लिए खास .... भौराकलां - भौराखुर्द में गम, परिवार ने पुलिस की कहानी पर उठाए सवाल

Mon, 22 Jan 2024 02:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
- गमगीन माहौल में किया गया सिपाही अंकित का अंतिम संस्कार
विज्ञापन


फोटो
संवाद न्यज एजेंसी
भौराकलां (मुजफ्फरनगर)। एटा के जलेसर में सिपाही अंकित की मौत के बाद परिजनों ने गमगीन माहौल में भौराखुर्द गांव में अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों ने पुलिस की आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि अंकित से लगातार बात चल रही थी, वह किसी तरह की परेशानी में नहीं था।
अंकित के भाई आशीष ने बताया दो दिन पहले ही मोबाइल पर बात हुई थी। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था परीक्षाओं की तैयारी के लिए लैपटॉप लेकर आया था। घर में सभी से रोज फोन पर बात करता था, किसी प्रकार के तनाव दबाव की कोई बात नहीं थी। उसके आत्महत्या करने की बात गले नहीं उतर रही है। फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने का कोई लक्षण भी शरीर पर मौजूद नहीं था। पुलिस अधिकारी दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकालने की बात बता रहे हैं, जबकि दरवाजे पर कुंडी ताला तोड़ने का कोई निशान भी मौजूद नहीं है। आरोप लगाया कि अधिकारी सही तथ्य नहीं बता रहे हैं कि घटना संदिग्ध है। गांव प्रधान निश्चल बालियान, विपिन बालियान, पूर्व प्रधान चंद्रवीर सिंह, संजीव प्रधान बताते हैं अंकित बेहद मिलनसार था। एक माह पहले ही छुट्टी पर घर आया था।
विज्ञापन


शव पहुंचते ही गम में डूबा गांव
रविवार देर शाम जैसे ही सिपाही अंकित का पार्थिव शरीर गांव में लाया गया तो गम का माहौल बन गया। अंकित के पिता, बहन, भाई, मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अंकित की मां रेखा बेटे का शव देखकर बेहोश हो गई। पड़ोसी महिलाओं ने उसे बमुश्किल संभाला। अंतिम यात्रा में रिश्तेदारों के साथ ही गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए। गांव के श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।

यह था मामला
एटा जिले के जलेसर कोतवाली में तैनात भौरां खुर्द निवासी सिपाही अंकित कुमार ने शनिवार को अपने सरकारी आवास में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। साथी सिपाही ने कमरे में जाकर देखा तो घटना की जानकारी हुई। उसने तुरंत ही थाना प्रभारी को बताया। थाना प्रभारी एवं पुलिसकर्मियों ने कमरा खोल कर देखा तो पंखे के सहारे अंकित का शव लटका हुआ था। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी थी।
विज्ञापन


बहन की शादी की चल रही थी तैयारी
अंकित के पिता सुभाष चंद्र गांव में खेतीहर मजदूर हैं। बड़ा भाई अनुज उत्तराखंड में प्राइवेट नौकरी करता है। दूसरा भाई आशीष यूपी पुलिस में कांस्टेबल है। दोनों एक साथ ही वर्ष 2020 में भर्ती हुए थे, बहन प्रतिमा अविवाहित है। घर में बहन की शादी की तैयारी चल रही थी। एक-दो दिन में ही लड़के वाले रिश्ता तय करने आने वाले थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें