आईटीआई में आयोजित बैठक के दौरान मुख्य पर्यावरण अधिकारी प्रवीण कुमार को ज्ञापन देते उद्यमी पंकज
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मुजफ्फरनगर। मुख्य पर्यावरण अधिकारी वृत्त-3 प्रवीण कुमार ने उद्यमियों को समस्या समाधान के प्रति आश्वस्त किया और नियम पालन करने का आह्वान किया। एनसीआर में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग से अनुमन्य ईंधन के संबंध में जारी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया। उद्यमियों ने कहा कि जुर्माना और बंदी से पहले चेतावनी दी जानी चाहिए।
मेरठ रोड स्थित आईटीआई में औद्योगिक इकाइयों की समस्याओं के मद्देनजर मुख्य पर्यावरण अधिकारी की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। उन्होंने डीजी सैट संचालन के संबंध में जारी निर्देश के अनुपालन एवं ईंधन के रूप में आरडीएफ यानी अपशिष्ट से प्राप्त स्वच्छ ईंधन के प्रयोग पर जोर दिया। जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाओं का प्रभावी संचालन किए जाने के लिए भी निर्देशित किया। उद्योगों में ग्रीन बेल्ट विकसित करने के लिए कहा।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी गीतेश चन्द्र ने बताया कि आईआईए की ओर से 10 सूत्रीय सुझाव पत्र दिया गया। चेतावनी व्यवस्था जैसे उद्योगों पर सीधे जुर्माना अथवा बंदी की कार्रवाई करने से पूर्व एक बार चेतावनी देकर सुधार का अवसर प्रदान करने की मांग की गई। एनओसी संशोधन प्रक्रिया पर भी सुझाव दिया गया। कहा कि जिन इकाइयों ने एनओसी प्राप्त कर ली है और पूरी फीस जमा कर दी है। यदि उन्हें संशोधन की आवश्यकता हो तो वह संशोधन उसी जमा हुई फीस के अंतर्गत किया जाए, नई फीस न लगाई जाए। प्रत्येक इकाई के लिए सहमति शुल्क की गणना केवल उस विशेष इकाई के पूंजी निवेश के आधार पर की जानी चाहिए।
मांग की गई कि प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, उनकी सहमति शुल्क में छूट दी जानी चाहिए। समस्या के समाधान के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया जाए। इस दौरान यूपी पेपर मिल एसोसिएशन अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, आईआईए अध्यक्ष अमित जैन, पूर्व अध्यक्ष पवन गोयल, फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष अंकित संगल शामिल रहे।
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