पूर्व सांसद राजपाल सैनी सपा में शामिल
मुजफ्फरनगर। बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य राजपाल सैनी अपने बेटे शिवान सैनी के साथ बसपा को छोड़ कर सपा में शामिल हो गए। लखनऊ में सपा कार्यालय पर हुए कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की है।
बसपा के पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने शनिवार को सपा का दामन थाम लिया। राजपाल सैनी ने अपने पुत्र शिवान सैनी के अलावा अन्य नेताओं के साथ लखनऊ में स्थित सपा के कार्यालय पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समक्ष बसपा छोड़कर सपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनका पार्टी में स्वागत किया। कहा कि राजपाल सैनी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछड़े वर्ग में एक मजबूत सियासी पकड़ रखने वाले हैं। इससे पश्चिम में पार्टी को और अधिक मजबूती मिलेगी। उधर, राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि राजपाल सैनी खतौली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं।
राजपाल सैनी ने बताया कि समाजवादी पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर उन्होंने सपा की सदस्यता ग्रहण की है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा ही किसान, मजदूर से लेकर हर तबके लोगों के हक की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने चुनाव लड़ने के बारे में कहा कि पार्टी हाईकमान जो आदेश करेगा, उसका वह पालन करेंगे।
पंडित उमादत्त शर्मा भी सपा में शामिल
मुजफ्फरनगर। कांग्रेस में करीब चार दशक रहकर सियासी सक्रियता दिखाने वाले पंडित उमादत्त शर्मा भी लखनऊ में जाकर सपा में शामिल हुए हैं। इनके अलावा बसपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सहारनपुर मंडल कोआर्डिनेटर रामनिवास पाल, अमली खा, राजू सैनी, सरदार देवेंद्र सिंह, सरदार अमृतपाल सिंह ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की है। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, वरिष्ठ सपा नेता राजकुमार यादव, पूर्व विधायक अनिल कुमार, राकेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
23 साल बाद सैनी की सपा में घर वापसी
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। पूर्व सांसद राजपाल सैनी की 23 साल बाद सपा में घर वापसी हुई है। वो पिछडे़ वर्ग में अपना अच्छा प्रभाव रखते हैं। शहर के देवपुरम निवासी राजपाल सैनी ने 90 के दशक में जनता दल के प्रदेश महासचिव पद से अपनी राजनीतिक पारी शुरू की थी। वो जनता दल के टिकट से शहरी सीट पर विधानसभा चुनाव लड़े। 1994 में पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के कहने पर सपा में शामिल हुए। इसी साल 1994 में सपा जिलाध्यक्ष बने, जो लगातार चार साल तक इस पद पर रहे। 1998 में बसपा में शामिल होकर बसपा जिलाध्यक्ष बने। 1999 में मुजफ्फरनगर लोकसभा से बसपा के टिकट पर सांसद का चुनाव लड़ा। वर्ष 2002 में मोरना विधानसभा सीट से एमएलए बनने के बाद बसपा सरकार के युवा कल्याण व खेल मंत्री मंत्री बने। 2007 में बसपा सरकार में खाद बीज निगम के चेयरमैन बने। वर्ष 2010 में बसपा से राज्यसभा सदस्य बने। वर्ष 2017 में खतौली विधानसभा सीट से बेटे शिवान सैनी को बसपा से चुनाव लड़ाया।