पूर्व सांसद और पूर्व विधायक नहीं हुए कोर्ट में पेश
मुजफ्फरनगर। कवाल कांड के विरोध में खालापार के शहीद चौक की सभा में भड़काऊ भाषण देने के मामले अदालत ने आरोप तय करने के लिए 31 जनवरी की तारीख तय की है। अदालत ने सभी आरोपियों को 31 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। उधर, सोमवार को तारीख पर पूर्व सांसद कादिर राना और उनके भाई पूर्व विधायक नूरसलीम राना कोर्ट में पेश नहीं हुए। बाकी आठ आरोपी अदालत में हाजिर हुए।
कवाल कांड को लेकर साढ़े छह साल पहले 30 अगस्त 2013 को शहर के खालापार स्थित शहीद चौक पर एक वर्ग की सभा हुई थी। जिले में दंगा भड़कने पर इस सभा का मुकदमा भी शहर कोतवाली में दर्ज किया गया, जिसमें तत्कालीन बसपा सांसद कादिर राना, तत्कालीन चरथावल विधायक नूरसलीम राना, मीरापुर विधायक मौलाना जमील अहमद कासमी, पूर्व गृह राज्यमंत्री सईदुज्जमां, उनके बेटे सलमान सईद, असद जमां, सुल्तान मुशीर, अहसान कुरैशी, नौशाद कुरैशी और मुशर्रफ के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने समेत अन्य आरोपों में मामला दर्ज हुआ था। उक्त आारोपियों के कोर्ट में पेश नहीं होने के कारण अदालत से गैर जमानती वारंट जारी हो गए थे। यह मुकदमा अब एडीजे-4 की कोर्ट में चल रहा है। सोमवार को इस मुकदमे की तारीख थी, जिसमें सभी आरोपियों के पेश होने पर उन पर आरोप तय होने थे, मगर पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूरसलीम राना कोर्ट में पेश नहीं हुए। उनकी ओर से हाजिरी माफी आई। बाकी आठ आरोपी कोर्ट में पेश हुए। एडीजीसी सुभाष सैनी ने बताया कि अदालत ने 31 जनवरी को आरोप तय करने की तारीख नियत की है। इस दिन सभी आरोपियों को कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के आदेश दिए गए हैं।