मुजफ्फरनगर। बढ़ती आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शहर से सटे तीन गांव की 280 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने का प्रस्ताव है। आवास विकास परिषद मेरठ की ओर से तीन गांव के करीब 550 किसानों को नोटिस भी जारी कर दिए गए है। परिषद की ओर से ली जा रही लगभग आधी भूमि की बिक्री का अधिकार किसानों को दिया जाएगा।
शहर से सटे शेरनगर, धंधेड़ा और बिलासपुर की 280 हेक्टेयर भूमि आवास विकास कॉलोनी के लिए चिह्नित की गई है। तीनों गांव के 550 से अधिक किसानों को भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस भी जारी कर दिये गए हैं। तीनों गांव के सैकड़ों किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। किसानों की ओर से विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
आवास विकास परिषद मेरठ के अवर अभियंता सुनील कुमार का कहना है कि परिषद के अधिशासी अभियंता आईपी सिंह ने कुछ दिन पहले ही डीएम उमेश मिश्रा से मुलाकात कर अधिग्रहण की प्रक्रिया पर चर्चा की थी।
उन्होंने बताया कि डीएम की ओर से किसानों की जमीन उनकी सहमति से ही लेने का प्रयास करने के निर्देश दिए गए थे। किसानों से भूमि लेने में चेन पुलिंग का नया प्रावधान जोड़ दिया गया है। इसके तहत किसानों की से ली गई भूमि में से सड़क और पार्क आदि में विकसित करने के बाद बची भूमि का आधा भाग किसान अपनी मर्जी से बेच सकता है।