पत्रकारों से वार्ता करते सरदार वीएम सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
किसान मुक्ति मोर्चा के संयोजक सरदार वीएम सिंह ने कहा कि देश की संसद में किसानों के हित के प्रस्तावों को पास नहीं हो पाते हैं, इसलिए 20 नवंबर को किसान संसद ऐसे प्रस्तावों पर मुहर लगाएगी। उन्होंने कहा कि जो दल हमारे प्रस्तावों का समर्थन करेंगे, उनका एक सदस्य मंच पर आकर अपनी बात रख पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक फसल का दाम बुवाई के समय ही तय हो जाना चाहिए।
दक्षिणी सिविल लाइन में संगठन के प्रवक्ता विकास बालियान के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में सरदार वीएम सिंह ने कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी किसान की हालत सुधर नहीं पा रही है। राजनीतिक दल वादे तो करते रहे, लेकिन दिया कुछ नहीं। केंद्र सरकार केवल कुछ फसलों के दाम तय करती है। प्रत्येक फसल का दाम तय होना चाहिए। किसान की जो लागत है उसका डेढ़ गुना तो उसे मिलना ही चाहिए। आलू, प्याज, टमाटर जैसी फसलों के दाम भी तय हों।
किसानों के हित के लिए संसद में जो भी प्रस्ताव आता है, गिर जाता है। 20 नवंबर को दिल्ली में किसान संसद लगेगी। देशभर 183 किसान संगठनों के सदस्य इसमें शामिल होंगे। बीते 30 सालों में किसानों की इतनी भीड़ कभी नहीं जुटी होगी, जितनी इस बार जुटेगी। किसान संसद में किसान हितों के प्रस्ताव पास किए जाएंगे।
भारतीय संसद में किसान संसद के प्रस्तावों को सांसद राजू शेट्टी रखेंगे, जो पार्टी हमारे प्रस्ताव का समर्थन करेगी उस पार्टी का एक सदस्य हमारे मंच पर आकर अपनी बात रख सकेगा। जो सहमत नहीं है, उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। खेती आज कोई नहीं करना चाहता। इस अवसर पर विकास बालियान, सुमित मलिक आदि रहे।