दूषित पानी नदी में छोड़कर फैक्टरियां बढ़ा रहीं हैं प्रदूषण
छपार/रोहाना (मुजफ्फरनगर)। दिल्ली-दून हाईवे स्थित छपार टोल प्लाजा पर भाकियू का अनिश्चितकालीन धरना लगातार 72वें दिन भी जारी रहा। वक्ताओं ने नदी-नालों में केमिकल युक्त पानी छोड़कर प्रदूषण बढ़ाने पर आक्रोश जताते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही किसानों के खिलाफ पराली जलाने पर मुकदमे दर्ज करने के मामलों के विरोध में आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
कृषि कानूनों के विरोध में छपार टोल प्लाजा पर चल रहे भाकियू के धरने को संबोधित करते हुए मांगेराम त्यागी ने कहा कि एक ओर पराली खेत में जलाने पर किसानों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाते हैं, जबकि दूसरी ओर नदी-नालों में केमिकल युक्त पानी छोड़ने वाली फैक्टरियों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं होती। यह प्रदूषित पानी गांव-देहात के नल-हैंडपंपों में पहुंचकर बीमारियों को जन्म दे रहा है, जो फैक्टरी मालिकों की प्रशासनिक अफसरों के साथ साठगांठ से हो रहा है। भाकियू वक्ता ने फैक्टरियों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट न लगाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। इस मौके पर गोविंद शर्मा, ललित त्यागी , मोनू प्रधान, राजा गुर्जर, शशि, बबलू, बिट्टू, महक सिंह और अंशुल आदि मौजूद रहे।
उधर, रोहाना टोल प्लाजा पर दिए जा रहे धरने को संबोधित करते हुए भाकियू वक्ता कुशलवीर सिंह ने कहा कि बैंकों में किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बैंकों में स्टाफ पूरा नहीं होने से किसानों को अपना काम कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के अफसर इस समस्या का समाधान कराएं, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा। अंकित, मनीष राणा, जयदेव राणा, नितिन त्यागी, अनिल त्यागी, नरेंद्र सैनी, प्रयास त्यागी, संदीप त्यागी, सुबोध शर्मा, मोहसिन व अकरम आदि मौजूद रहे।