मुजफ्फरनगर। रोडवेज चालक और परिचालकों की मनमानी के आगे अधिकारी भी हैरान हैं। बाईपास से बस निकालने वाले चालक की तनख्वाह से कटौती होगी। इतना ही नहीं, चालक-परिचालक को स्पष्टीकरण देना होगा। उधर, एक परिचालक को बस में मिली छह डब्ल्यूटी के कारण नौकरी से निकाला गया। एआरएम ने सभी चालकों को कस्बों के भीतर से बस गुजारने की आदेश दिए हैं।
आरएम के आदेश के बाद भी चालक मनमर्जी से हाईवे पर बस दौड़ा रहे हैं। कस्बों से सटाकर निकले हाईवे से रात में बस सेवा ठप है। इसकी शिकायत की गई तो जांच हुई। जांच में सामने आया है कि चालक देर शाम होते ही बस को मनमानी से चलाते हैं। सीधे हाईवेे से बस को फर्राटा मारकर निकाल कर ले जाते है। यात्रियों के विरोध करने पर अभद्रता करने के साथ उन्हें बुरा-भला कहते हैं। कई रोज पहले पुरकाजी क्षेत्र में बस को चालक हाईवे से निकाल ले गया। इतना ही नहीं, लिंक मार्ग से सवारियां तक नहीं बैठाई जा रही हैं। इसको लेकर एआरएम बीपी अग्रवाल ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है।
एआरएम ने ऐसे चालकों की तनख्वाह में कटौती करने के निर्देश दिए हैं। उधर, मेरठ रूट की एक बस पर तैनात परिचालक संता सिंह की संविदा समाप्त की गई है। इस परिचालक ने बस में 6 यात्रियों से पैसे लेकर टिकट नहीं दिए थे। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि परिचालक के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। हाईवे से बस निकालने पर चालकों को फटकार लगाई गई है।