पूर्व विधायक शाहनवाज राना की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज
मुजफ्फरनगर। पूर्व विधायक शाहनवाज राना पर दुष्कर्म की कोशिश के मुकदमे में एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट ने अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। राना के गैर जमानती वारंट पहले ही हुए हैं। अब उन्हें कोर्ट में सरेंडर करना पड़ेगा। हाईकोर्ट के आदेश पर इस मुकदमे की रोज सुनवाई हो रही है।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि बिजनौर से बसपा के पूर्व विधायक शाहनवाज राना और उसके साथी सरताज पर वर्ष 2001 में दिल्ली निवासी एक युवती ने दुष्कर्म की कोशिश का मुकदमा दर्ज कराया था। चार अक्तूबर 2001 की रात को दिल्ली निवासी युवती ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसे व उसकी सहेली को घर व काम देने के बहाने पूर्व विधायक शाहनवाज राना व सरताज ने मुजफ्फरनगर बुलाया और दुष्कर्म की कोशिश की।
हाईकोर्ट ने इस मुकदमे में रोज सुनवाई का आदेश जारी किया है। यह मुकदमा अब यहां एमपी, एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहा है। पूर्व विधायक शाहनवाज राना के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना दिया था। जिसका सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मनोज ठाकुर और नरेंद्र कुमार शर्मा ने विरोध किया। जिस पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपाल उपाध्याय ने अग्रिम जमानत अर्जी को निरस्त कर दिया है। इस मुकदमे की तारीख 14 अक्तूबर लगाई है। पूर्व विधायक के इस मुकदमे में पहले ही गैर जमानती वारंट जारी हुए हैं।
पूर्व मंत्री डॉ. यशवंत सिंह कोर्ट में हुए पेश
मुजफ्फरनगर। पूर्व मंत्री एवं पूर्व भाजपा सांसद डॉ. यशवंत सिंह बुधवार को एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में पेश हुए। वर्ष 2007 को चुनाव में जानसठ के सरकारी अस्पताल की दीवार पर चुनाव प्रचार का पोस्टर लगाने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। यह मुकदमा अब एमपी एमएलए कोर्ट में चल रहा है। बुधवार को तारीख होने पर डॉ यशवंत सिंह कोर्ट में पेश हुए, जहां पर उनके बयान हुए। कोर्ट ने बृहस्पतिवार यानि आज की तारीख लगाई है।