खतौली (मुजफ्फरनगर)। मेरठ की एंटी करप्शन टीम अब विद्युत निगम के लिपिक आनंदपाल के खिलाफ साक्ष्य जुटाने लग गई है। टीम ने बिजलीघर के ऑफिस में साक्ष्य जुटाने को गोपनीय तरीके से जांच-पड़ताल की।
गांव चंदसीना निवासी मेहराज पुत्र अकबर की शिकायत पर मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने छह मार्च को एक्सईएन कार्यालय में लिपिक आनंदपाल को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। लिपिक ने मेहराज से रिश्वत की रकम ली थी। पुलिस ने सात मार्च को लिपिक को मेरठ कोर्ट में पेश किया, जहां पर कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। एंटी करप्शन टीम ने जेल में बंद आरोपी के खिलाफ सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को टीम बिजलीघर में पहुंची।
उधर, एक्सईएन कार्यालय में भी टीम द्वारा की जा रही जांच को लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों में खलबली मची रही। टीम ने घंटों कमरे में गोपनीय तरीके से अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत की और साक्ष्य जुटाए। टीम ने शिकायतकर्ता मेहराज को भी बिजलीघर पर बुलाया था। टीम ने साक्ष्य जुटाने के लिए मेहराज से भी पूछताछ की। साक्ष्य जुटाने में टीम के इंस्पेक्टर जेके तोमर, इंस्पेक्टर केके शर्मा, इंस्पेक्टर विजयवीर सिंह, इंस्पेक्टर केके सिंह आदि मौजूद रहे। ब्यूरो