-दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के बारे में की गई टिप्पणी का मामला गरमा
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नौ माह पहले हुई जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दो वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों के बारे में की गई टिप्पणी का मामला गरमा गया है। पूर्व स्टाफ नर्स की शिकायत पर तत्कालीन एसीएमओ और वर्तमान में सीएमओ इटावा के पद पर तैनात डॉक्टर विजेंद्र सिंह के पत्र पर एनएचएम जिला कार्यक्रम प्रबंधक के जवाब से मामला बिगड़ गया। स्पष्टीकरण मांगे जाने पर उन्होंने एसीएमओ को दायरे में रहने की सलाह देते हुए अनाधिकार चेष्टा न करने की बात कही।
संविदा समाप्त किये जाने पर स्टाफ नर्स की ओर से दिये गए प्रत्यावेदन पर दो चिकित्साधिकारियों ने जांच की थी। जांच उपरांत दोनों ने स्टाफ नर्स की संविदा बहाल करने की सलाह देते हुए जांच रिपोर्ट तत्कालीन सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार को दी थी।
जिला स्वास्थ्य समिति ने रिपोर्ट स्वीकार नहीं की थी। दोनों चिकित्साधिकारियों पर दुरभिसंधि किए जाने का आरोप लगाते हुए 22 जून 2024 को आयोजित बैठक के कार्यवृत्त में टिप्पणी की गई। दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए अफसाना नाम की महिला ने प्रमुख सचिव को पत्र लिखा था।
तत्कालीन एसीएमओ डॉ. बिजेन्द्र कुमार ने पत्र और पूर्व स्टाफ नर्स के शिकायती पत्र का हवाला देते हुए एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक विपिन कुमार से एसीएमओ डॉ. प्रशांत कुमार और डॉ. अरविंद कुमार पर लगाए गए दुरभिसंधि कि जाने जैसे आरोपों के बारे में स्पष्टिकरण मांगा था।
एनएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने विपिन कमार ने सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया को लिखे पत्र में तत्कालीन एसीएमओ पर अधीनस्थ स्टाफ को परेशान करने का आरोप लगाया है। एसीएमओ को उनसे स्पष्टिकरण मांगने का अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य समिति की बैठक डीएम की अध्यक्षता में होती है, इसलिए उसके कार्यवृत्त पर जवाब मांगने की अनाधिकार चेष्टा की जा रही है। डीपीएम का कहना है कि स्पष्टीकरण भेज दिया गया है।