मुजफ्फरनगर। बुखार में लापरवाही भारी पड़ सकती है। प्लेटलेट्स अचानक गिर रही है, जिसके बाद मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। कई गांव ऐसे हैं, जो बुखार की चपेट में है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया।
जिला अस्पताल में बुखार के तीनों वार्ड फुल हैं। निरमाना गांव के अजय त्यागी का कहना है कि शुरूआत में दो दिन हल्का बुखार रहा। इसके बाद शरीर में कमजोरी महसूस हुई। परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच कराई तो प्लेटलेट्स 17 हजार पर पहुंच गई थी। शाहपुर के सत्यवीर ने बताया कि उनकी प्लेटलेट्स 29 हजार पर पहुंच गई थी। बुखार आने पर वह पहले घर पर ही उपचार कराते रहे। हालत गंभीर होने पर परिजन जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। पीड़ितों ने कहा कि शुरूआत में हल्का बुखार होता है, इसके बाद अचानक प्लेटलेट्स गिर जाती है।
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार का कहना है कि बुखार आने पर तुरंत डॉक्टरों से संपर्क करें। अपने क्षेत्र के सरकारी अस्पताल पहुंचे। अस्पतालों में हर प्रकार की दवाईयां उपलब्ध है।
निरमाना में फैल रहा बुखार
शाहपुर क्षेत्र के निरमाना में घर-घर में बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। गांव में डेंगू के भी कई मरीज है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की टीम से कैंप लगाने की मांग रखी है।
डेंगू के दो सक्रिय मामले
सीएमओ डॉ. एमएस फौजदार ने क ा कि जिले में अब तक 130 मामले डेंगू के मिले हैं, इनमें दो मामले सक्रिय हैं।
बघरा में चलाया जागरूकता अभियान
बघरा खंड विकास अधिकारी सतीश गौतम ने गांव बघरा में साफ-सफाई का कार्य करवाया गया। संचारी रोग रोकथाम अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों को डेंगू व मलेरिया से बचाव की जानकारी दी। अपने आसपास के क्षेत्र में साफ-सफाई रखने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया गया।
छात्राओं को किया जागरूक
खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र ज्योति प्रकाश तिवारी ने कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय नगर क्षेत्र संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया। संचारी रोग से होने वाले संक्रमण और उनसे होने वाले रोगों के बारे में जानकारी दी। संचालन विद्यालय वार्डन कुमारी बबीता शर्मा ने किया।
एंटी लार्वा का किया छिड़काव
पुरकाजी क्षेत्र के खाईखेड़ी एवं नंगला दुहेल्ली में विशेष सफाई अभियान के अंतर्गत एंटी लारवा टीम द्वारा एंटी लारवा का स्प्रे कार्य कराया गया। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अंतर्गत मौसमी बीमारिया से बचाव एवं मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए एंटी लार्वा छिड़काव किया गया।