मास्क को जेब में रखने से नहीं, लगाने से होगा बचाव
मुजफ्फरनगर। जिले में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते संक्रमण से हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। इसके बावजूद लापरवाही करते हुए अधिकांशत: लोग अपने साथ ही परिवार की भी जिंदगी से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। रविवार दोपहर शहर के व्यस्ततम शिवचौक व महावीर चौक पर बेपरवाह लोग बिना मास्क लगाए ही घूमते मिले। पुलिस चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर अधिकांश की जेब में मास्क निकला, तो कुछ ने घर पर भूल जाने का बहाना बनाया।
दोपहर 12.30 से 12.40 बजे, महावीर चौक: व्यस्ततम चौराहे पर पुलिस ने मास्क चेकिंग अभियान चलाया, जिनमें अधिकांश लोग बिना मास्क के पाए गए। पकड़े जाने पर व्यापारी साजिद ने गलती मानते हुए मास्क घर पर भूल जाने की बात कही। उसने पास ही से मास्क खरीदकर भी लगाया। वहीं, राहगीर नरेंद्र ने पकड़े जाने पर अपनी जेब से मास्क निकालकर लगाते हुए लापरवाही के लिए माफी मांगी।
दोपहर 1.20 से 1.39 बजे, शिवचौक: शहर में शिवचौक पर अधिकांश लोग बिना मास्क के ही मिले। ई-रिक्शा चालक शाहबाज ने रोके जाने पर मास्क जेब से निकालकर दिखाते हुए कहा कि वह मास्क लेकर घर से निकला था, लेकिन उसे लगाना भूल गया। वहीं, प्रशांत के पास मास्क नहीं मिला, जिसके लिए उसने माफी मांगते हुए वहीं से मास्क खरीदकर लगाया।
भगत सिंह रोड पर सोशल डिस्टेंसिंग से बनाई दूरी
मुजफ्फरनगर। भगत सिंह रोड शहर का सबसे अधिक भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां व्यापारिक गतिविधियां सबसे अधिक हैं। यहां से लोहिया बाजार, दाल मंडी, लंबा बाजार जैसे प्रमुख मार्केट भी बेहद नजदीक हैं, जहां अत्यधिक भीड़ रहती है। लगातार बढ़ते संक्रमण के बावजूद यहां लोग सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते मिले। पूछे जाने पर लापरवाही पूर्ण जवाब भी दिए कि जब कोरोना होगा, तब देखा जाएगा।
बदलते मौसम में लोग पड़ते ही हैं बीमार
खतौली। खतौली में भी कमोबेश यही लापरवाही पूर्ण रवैया देखने को मिला। यहां भी लोग मास्क व सोशल डिस्टेंसिंग से पूरी तरह दूरी बनाए घूमते मिले, जिनमें राहगीरों के साथ ही व्यापारी भी शामिल हैं। वहीं, मोनू, सुमित, विनोद व सतीश का कहना था कि खांसी, नजला व जुकाम जैसी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बदलते मौसम में आती ही हैं, जो खुद ही ठीक भी हो जाती है। इसे कोरोना का नाम देकर व्यापारिक गतिविधियों को रोक देना कतई उचित नहीं है।
अस्पताल से लेकर आए कोरोना
मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग से मरीजों की केस हिस्ट्री की जानकारी की, तो पाया कि लोग बाहरी प्रांतों से सफर करने, भीड़भाड़ इलाके और अस्पताल में जानेे के बाद संक्रमित हुए। इसके बाद परिजन भी संक्रमित हो गए।
केस नंबर-1-दौलतपुर के युवक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गाजियाबाद गए थे। वहां से लौटने पर तीन युवक कोरोना संक्रमित हो गए। उनके संपर्क में आने पर परिजन भी पॉजिटिव हो गए।
केस नंबर-2-शहर के घेरखत्ती की महिला मेरठ के अस्पताल में गई थी। वहां से संक्रमण ने अपनी चपेट में ले लिया। घर आने पर परिजन और परिचित भी संक्रमित होते चले गए। अब तक 13 परिजन कोरोना संक्रमित हो चुके हैं।
केस नंबर-3- गांधी कॉलोनी निवासी कारोबारी का सामान लेने के लिए गुजरात के सूरत में लगातार आना जाना है। हाल में सूरत की यात्रा कर आए तो संक्रमित मिले। परिजन भी पॉजिटिव पाए गए। सभी को होम आइसोलेट किया गया।
केस नंबर-4-शहर के भरतिया कॉलोनी निवासी व्यापारी बाजार की भीड़ में पॉजिटिव हुए। उनके संपर्क में आने से परिजन और अन्य लोग भी संक्रमित हो गए। अब दस परिजन कोरोना संक्रमण होकर उपचार करा रहे हैं।
दिनांक---- मिले मरीज
1 अप्रैल---23
2अप्रैल---43
3 अप्रैल--56
4 अप्रैल--43