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मंडी स्थल पर चल रहा अवैध निर्माण ध्वस्त

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नवीन मंडी स्थल पर अवैध निर्माण हटाते लोग। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मंडी स्थल पर अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया
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मुजफ्फरनगर। सिटी मजिस्ट्रेट ने नवीन मंडी स्थल पर पीसीओ के लिए आवंटित अस्थायी दुकान की जगह पर मंडी समिति के अधिकारियों की मिलीभगत से एक सप्ताह से चल रहे अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया है। डीएम से हुई शिकायत के बाद यह कार्रवाई की गई। अवैध निर्माण कराने में शामिल अधिकारियों के खिलाफ भी शिकंजा कस सकता है।
नई मंडी में पीसीओ के लिए 1996 में छह स्थानों पर जगह आवंटित की गई थी। दो पीसीओ के लिए नवीन मंडी स्थल के मुख्य गेट के पास ही जगह दी गई थी। पीसीओ का काम बंद होने के बाद भी मंडी समिति के अधिकारियों ने आवंटन रद्द नहीं किया। आरोप है कि अस्थायी निर्माण के स्थान पर दोगुनी जगह में स्थायी निर्माण बीते एक सप्ताह से चल रहा था। निरीक्षक और सचिव को शिकायत हुई तो अनसुनी की गई। दोनों अधिकारियों का ऑफिस जाने का रास्ता इसी स्थान से है, जहां पर अवैध निर्माण हो रहा था। इसी बीच शिकायत डीएम सेल्वा कुमारी जे के सामने पहुंची। डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह को मौके पर भेजा और रिपोर्ट मांगी। डीएम के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने रविवार को मौके पर पहुंच अवैध निर्माण का एक हिस्सा अपने सामने ध्वस्त करा दिया। मंडी के अफसरों से बाकी निर्माण ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। आरोप है कि सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद भी निर्माण पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया गया। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने कहा कि पूरा निर्माण ध्वस्त होगा और इस प्रकरण में दोषी पर भी कार्रवाई होगी।
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निर्माण ध्वस्त करा दिया: सचिव
मंडी समिति सचिव आरके सिंह का कहना है कि दो दुकानों में स्थायी निर्माण हो रहा था। सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद इसे ध्वस्त करा दिया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट अभिषेक सिंह ने बताया कि अस्थायी की जगह स्थायी निर्माण को लेकर मंडी समिति सचिव से रिपोर्ट मांगी गई है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। दोषी अधिकारी छोड़े नहीं जाएंगे।
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