चकमा देकर थाने से भागा जिला पंचायत सदस्य
पुरकाजी (मुजफ्फरनगर) । थाने से जिला पंचायत सदस्य दवा लाने के बहाने पुलिसकर्मियों को चकमा देकर रफूचक्कर हो गया। इस पर पुलिस ने आरोपी के पिता को हिरासत में लेकर शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया। पुलिस द्वारा आरोपी सदस्य की हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी की जा रही है।
पुरकाजी थाना क्षेत्र के गांव धमात में शनिवार रात जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा का गांव के ही अरुण से विवाद हो गया था। सूचना पर पुलिस गांव में पहुंची और दोनों पक्षों को थाने आने की हिदायत देकर लौट गई। इस पर देर रात दोनों पक्ष थाने जा पहुंचे, जहां एक बार फिर दोनों पक्ष थाना परिसर में ही भिड़ गए। इस पर पुलिस ने जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा और दूसरे पक्ष से आदेश को थाने के कार्यालय में बैठा दिया। इसी दौरान सचिन शर्मा थाना परिसर में खड़ी अपनी कार से दवा लाने के बहाने कार्यालय से निकला और पुलिसकर्मियों को चकमा देकर कार लेकर रफूचक्कर हो गया। काफी देर तक भी सचिन शर्मा के कार्यालय में न लौटने पर पुलिस ने उसे तलाश किया, तो उसकी कार भी नदारद मिली। यह देख इंस्पेक्टर सुभाष गौतम ने थाने पर मौजूद जिला पंचायत सदस्य के पिता ब्रिजेश सिंह को हिरासत में ले लिया। इसकी जानकारी मिलने पर आरोपी ने इंस्पेक्टर के मोबाइल पर कॉल कर उनके साथ बदसलूकी कर दी, जिसके चलते दोनों के बीच फोन पर ही तीखी नोकझोंक हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर सीओ सदर कुलदीप सिंह थाने पहुंचे और घटना की जानकारी लेते हुए जिला पंचायत सदस्य के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी के पिता ब्रिजेश सिंह व दूसरे पक्ष के आदेश का शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया।
हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी में पुलिस
पुरकाजी। थाने से भागे जिला पंचायत सदस्य पर पुलिस अब शिकंजा कसने की तैयारी में है। इंस्पेक्टर सुभाष गौतम ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा के खिलाफ विभिन्न थानों में 14 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें दस मुकदमे व दो एनसीआर पुरकाजी थाने में, अपहरण का एक मुकदमा उत्तराखंड के थाना झबरेड़ा में और एक मुजफ्फरनगर शहर कोतवाली में दर्ज हैं। इनमें से एक मुकदमा तो चार दिन पूर्व ही दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी जिला पंचायत सदस्य के खिलाफ दर्ज मुकदमों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसकी रिपोर्ट डीएम-एसएसपी को भेजकर आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इन्होंने कहा .........
सीओ सदर कुलदीप सिंह का कहना है कि जिला पंचायत सदस्य को धमात में हुए झगड़े में लाया गया था। दूसरा पक्ष थाने नहीं पहुंचा तो वह चला गया था। थाने से भागने का मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।