सोशल मीडिया की खबर से बढ़ी बेचैनी
मुजफ्फरनगर। अंतरजातीय विवाह करने वालों की एससी और ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों पर निगाहें हैं। बहुओं को उनके जन्म के आधार पर ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष आंचल के नक्शे कदम पर चलने के लिए जिले के बहुत से लोग उत्सुक हैं। मंगलवार की सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर खूब वायरल हुई। खबर थी कि शादी के बाद विवाहिता की जाति वही मानी जाएगी, जिस घर में उसकी शादी होगी, जो लोग अंतरजातीय विवाह कर पत्नी के आधार पर आरक्षित सीटों पर चुनाव की तैयारी कर रहे हैं, उनमें बड़ी बेचैनी पैदा हो गई।
निर्वाचन कार्यालय, प्रशासनिक अफसरों, नेताओं और मीडिया से जुड़े लोगों के मोबाइल की घंटियां बजने लगी। पूरे दिन सोशल मीडिया की इस खबर को लेकर शोरशराबा रहा। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई आदेश न सरकार का है और न ही आयोग का हैं। जिला पंचायत की निवर्तमान अध्यक्ष आंचल भी इसी आधार पर चुनाव जीती थी। मुस्लिम समाज में शादी करने वाली अनुसूचित समाज की महिलाएं भी गत चुनाव में जीत हासिल कर चुकी हैं। इस बार एससी और ओबीसी के लिए सुरक्षित सीटों पर इस तरह के उम्मीदवारों की भरमार है। अंतरजातीय विवाह की संख्या भी समाज में बढ़ी हैं। एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने बताया कि काफी संख्या में लोगों के फोन आए। हमारे पास तो सुप्रीम कोर्ट की वह आदेश है, जिसमें यह कहा गया है कि जन्म के आधार पर जाति तय होगी। इसके अलावा सरकार और आयोग का कोई आदेश नहीं आया है, जो खबरें उड़ रही है अफवाह हैं।