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जेल में अब नहीं बजेगी मोबाइल की घंटी   

Sun, 19 Jun 2016 12:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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जिला कारागार में लगाया गया जैमर। - फोटो : अमर उजाला
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जिला कारागार में कई माह से चल रहा जैमर लगाने का काम पूरा हो गया। लगाए गए सभी छह जैमरों ने अपना काम शुरू कर दिया है। जैमर चालू होने से अधिकारियों सहित बंदियों के सभी फोन बंद हो गए हैं। कारागार में सिर्फ लैंडलाइन फोन से ही बात हो पाएगी। इसके चालू होने से कारागार प्रबंधन ने राहत की सांस ली है। जेल अधीक्षक का कहना है कि जैमर चालू होने से बंदियों द्वारा चोरी-छिपे चलाए जाने वाले फोन चलने बंद हो जाएंगे।
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जिला कारागार में आए दिन फोन चलने की शिकायतें मिलती रहती थी। कई बार तलाशी के दौरान अधिकारी फोन बरामद भी करते थे। रंगदारी के अधिकतर मामलों में जेल से ही फोन आने की बात सामने आती रहती थी। इन सबसे छुटकारा पाने के लिए शासन ने जिला कारागार में जैमर लगाने के आदेश किए थे। जैमर लगाने का काम हैदराबाद की एक कंपनी को दिया गया था।

जेल के भीतर छह जगहों का चयन जैमर लगाने के लिए किया गया था। तय जगहों पर करीब सवा तीन करोड़ रुपयों की लागत से जैमर लगाए गए हैं। इसे लगाने के लिए कारागार में पूरी सतर्कता बरती गई है। जैमर के केबिल को बंदी काट न दें, इसके लिए पूरी जेल में फर्श और दीवारों के भीतर केबिल प्लास्टिक और लोहे के मजबूत केबिल के भीतर डाले गए हैं।
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जेल की छतों पर मजबूत फाउंडेशन बनाकर उनके ऊपर छह एंटीना लगाए गए हैं। कई बार तकनीशियनों द्वारा काम में लापरवाही बरतने से जैमर चालू होने में इतना समय लगा। जैमर चालू होने से जेल प्रबंधन में खुशी की लहर है। जेल अधीक्षक राकेश सिंह का कहना है किे जैमर चालू होने से चोरी छिपे फोन चलाने वाले बंदियों पर लगाम लगेगी। 

दस मीटर दायरे में नहीं चलेंगे फोन
मुजफ्फरनगर। शहर के बीच में स्थित जेल में शनिवार से जैमर चालू हो जाने पर बंदियों के फोन बंद हो जाने पर प्रशासन ने जहां एक और राहत की सांस ली है, वहीं दूसरी और जेल की दीवारों से सटे मकानों और अधिकारियों के फोन नहीं चलने से सभी को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

बार-बार बैरकों से फोन पकड़े जाने और रंगदारी के अधिकतर मामलों में जेल से फोन आने की शिकायतों पर कारागार में छह जैमर लगा दिए गए हैं। इनके चालू होने से जहां चोरी से फोन चलाने वाले बंदियों के फोन बंद होगे वहीं दूसरी और अधिकारियों द्वारा ड्यूटी पर चलाए जाने वाले सीयूजी फोन भी बंद हो जाएंगे। इसी तरह से कारागार बाउंड्री से सटे मकानों के भी फोन चलने बंद हो जाएंगे। बताया गया कि जेल के बाहर दस मीटर की परिधि में आने वाले तमाम फोन जैमर के चालू रहने तक नहीं चल पाएंगे। अब जेल में सिर्फ लैंडलाइन फोन ही चल पाएंगे।

लैंडलाइन की हटी धूल
मुजफ्फरनगर। कभी घरों में स्टैंडर्ड की चीज माने जाने वाले लैंडलाइन फोन का वैसे तो अब कोई इस्तेमाल नहीं करता है। कारागार में रखे इस फोन पर भी वर्षों से धूल जमी हुई थी। शनिवार को जैमर क्या चालू हुआ कि अचानक लैंडलाइन की वैल्यू बढ़ती दिखाई दी। आज तक नजरों में चुभने वाले लैंडलाइन फोन को शनिवार को स्टाफ ने अच्छी तरह से साफ किया और इसे चालू करवाया। शनिवार से कारागार में अब सिर्फ इसी फोन से ही बात हो पाया करेंगी। 
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