मुजफ्फरनगर। सूबे की दूसरी जेलों में शिफ्ट किए जा चुके बड़े अपराधी अपने टूटते नेटवर्क को खड़ा करने के लिए जिला कारागार में वापसी की कानूनी जुगत में लगे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला जेल से 60 से ज्यादा शातिर बदमाश स्थानांतरित किए गए हैं। कारागार में माफिया सरगना सुशील मूंछ, मीनू त्यागी, मुकीम काला, अनिल दुजाना, रोहित सांडू आदि के गुर्गे मौजूद हैं।
जेलों में बड़े गैंग के शातिरों को जुर्म से थामे रखना किसी चुनौती से कम नहीं है। जेल प्रशासन की रिपोर्ट के बाद शासन ने मुजफ्फरनगर कारागार से प्रदेश की दूसरी जेलों में बड़ी संख्या में अपराधी शिफ्ट किए हैं। फिलहाल यहां की जेल में कोई कुख्यात बंद नहीं है। बदमाशों को बाहरी जेलों में ट्रांसफर किए जाने से उनका नेटवर्क टूट रहा है। कानूनी दांवपेंच के जरिए खौफ का पर्याय बने कई अपराधी जिला कारागार में वापसी चाहते हैं। चीकू हत्याकांड में सुशील मूंछ के तीन गुर्गे पिछले सप्ताह पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे भेजे हैं। वेस्ट यूपी में सक्रिय अनिल दुजाना, मीनू त्यागी, मुकीम काला और रोहित सांडू जैसे शातिरों के गिरोह से जुड़े बदमाश जेल में बंद है। टूट चुके नेटवर्क को दोबारा खड़ा करने के लिए ये अपराधी जिला कारागार में वापसी चाहते है। हालांकि गैंगस्टर विक्की त्यागी की पत्नी मीनू त्यागी यहीं की जेल में कैद है।
मेडिकल के ग्राउंड पर उसे बाहर की जेल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया से मुक्ति मिली है। मीनू उम्र कैद की सजा काट रही है। वर्तमान में रोहित सांडू फैजाबाद, विनोद बावला बदायूं, अनिल दुजाना बांदा, पुरकाजी का मुंतलिब पीलीभीत, विक्की त्यागी का बहनोई विनीत त्यागी बरेली, सागर मलिक नैनी, सौरभ मलिक मेरठ, रोबिन त्यागी बुलंदशहर और मुकीम काला हरियाणा की यमुनानगर जेल में शिफ्ट है। जिला जेल में इन बड़े अपराधियों की वापसी से गैंगवार छिड़ने की आशंका भी है।