तीन साल पहले मुजफ्फरनगर के नई आबादी मोहल्ला निवासी रहमान और श्यामपुरी पंजाबी कालोनी निवासी मोनू यहां कपड़ों का व्यापार करने आए थे। दोनों धर्मशाला में रुककर फेरी लगाकर कपड़े बेचते थे। वर्ष 2019 में रहमान धर्मशाला के कर्मचारी की शादीशुदा पुत्री को ले गया था।
युवती अपने साथ डेढ़ वर्ष का बच्चा, जेवर और रुपये भी ले गई थी। परिजनों ने कोतवाली में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। युवती का धर्मांतरण कराकर उसका नाम जोया रखकर उससे निकाह कर लिया।
इधर, डेढ़ माह पूर्व मोनू खान उर्फ वसीम भी कस्बे की एक युवती को प्रेमजाल में फंसाकर ले गया। धर्म परिवर्तन के बाद उसका नाम अंजुम रख निकाह कर लिया। इस मामले में भी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले की भनक मुजफ्फरनगर के हिंदू संगठनों को लगी तो माहौल गर्मा गया।
इस पर रतौली, मुजफ्फरनगर पुलिस ने मामले की जांच की। धर्मांतरण का मामला सामने आने पर राठ पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर राजेश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पुलिस टीम भेज कर महिला व युवती को जनपद लाया गया है। सीएचसी में दोनों का डॉक्टरी परीक्षण कराया है।
एक की शादी गहरौली गांव में हुई थी। शराबी पति से तंग आकर वह मायके में रह रही थी। अब उसका बच्चा चार साल का है। एक युवती को कोर्ट में पेश किया गया है, जबकि दूसरी से अभी पूछताछ की जा रही है।