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किसान और हत्यारोपियों के बीच हुआ था संघर्ष

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जानसठ के गांव मीरापुर दलपत में किसान की हत्या करने को इस्तेमाल किए गए डंडे पर लगा खून। - फोटो : KHATAULI
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किसान और हत्यारोपियों के बीच हुआ था संघर्ष
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जानसठ। गांव मीरापुर दलपत में किसान प्रवेश ने अपनी जान बचाने के लिए हत्यारों से काफी देर तक संघर्ष किया था। इसके सबूत मौका ए वारदात पर मिले हैं। परिजनों का दावा है कि आरोपियों ने प्रवेश की हत्या पूरी प्लानिंग के साथ की। मौके पर खून से सने डंडों के अलावा कुछ दूरी पर प्रवेश के जूते पड़े मिले। हत्यारोपियों ने पहले तो डंडे से प्रहार किए, फिर हाथ पैर बांधकर गला घोंटकर हत्या कर दी।
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जानसठ क्षेत्र गांव मीरापुर दलपत निवासी किसान प्रवेश पुत्र रामे बुधवार की रात अपने खेतों पर फसल की सिंचाई करने गया था। परिजनों को बृहस्पतिवार सुबह नलकूप से थोड़ी दूरी पर खेत में प्रवेश का हाथ व पैर बंधा शव मिला था। प्रवेश की पत्नी पिंकी ने गांव के ही इंद्रजीत, अशोक, भूपेंद्र, सचिन, अवनीश, अविनाश, पिंटू, सिद्धार्थ के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने बताया कि घटनास्थल पर मिले टूटे हुए डंडे और उन पर लगे खून के निशान और इधर-उधर मिले प्रवेश के जूते से पता चलता है कि हत्यारोपियों से प्रवेश का काफी संघर्ष हुआ होगा। जाहिर है पहले तो प्रवेश की हत्या डंडों से करने की कोशिश की गई, फिर हाथ पैर बांधने के बाद गला घोंटा गया। परिजनों का कहना है कि आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस को सभी साक्ष्य इकट्ठा कर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। नामजद आठ आरोपियों में से पुलिस ने एक भी गिरफ्तार नहीं किया है, जिससे पीड़ित परिवार में दहशत है। उधर, इंस्पेक्टर दीपक चतुर्वेदी का कहना है कि किसान की हत्या गला घोंटकर की गई है। नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें लगी हैं। शीघ्र आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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