सड़क से लेकर संसद तक किसानों के साथ : संजय सिंह
आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि एक साल तक आंदोलन करके सत्ता को कानून वापस लेने पर किसानों ने मजबूर किया। उन्होंने काले कानून के खिलाफ संसद में माइक तोड़ दिया था। एमएसपी का वादा भारत सरकार ने किया था, 14 दिन में गन्ना भुगतान का वादा किया था, पेमेंट डिजिटल भेजना चाहिए। किसान को अपनी फसल का दाम तय करने का अधिकार नहीं है। किसान को अपनी फसल का दाम तय करने का अधिकार मिलना चाहिए। संसद से लेकर सड़क तक किसानों के साथ रहे रहेंगे।
राजीतिक पद से टिकैत ने किया था इंकार : चौटाला
जन नायक जनता पार्टी के अध्यक्ष चौधरी अजय चौटाला ने कहा उत्तर भारत में चार बड़े किसान नेता हुए। चौधरी छोटूराम ,चौधरी चरण सिंह, चौधरी देवीलाल और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किसानों की लड़ाई लड़ी और किसानों को संगठित किया।
उन्होंने बताया कि सरकार को किसानों के दरवाजे पर आकर नाक रगड़नी पड़ी थी। वोट क्लब पर सबसे बड़ा आंदोलन किया तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने नतमस्तक होकर मांगे मानी थी। चौधरी देवी लाल और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत का निरंतर संपर्क रहा, किसान के लिए एक दूसरे की मदद की।
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चौधरी देवी लाल के जाने के बाद किसान राजनीति में किसानों की आवाज उठाने वाले नेता का स्थान रिक्त हो गया था। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को राजनीति में पद देने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट इंकार कर दिया था। उधर, चौटाला ने किसान भवन में चौधरी देवीलाल पुस्तकालय का उद्घाटन किया।
ये रहे मौजूद
अध्यक्षता ठाकुर जगत सिंह गोटका और संचालन राष्ट्रीय महासचिव ओमपाल मलिक ने किया। पूर्व मंत्री धर्मवीर बालियान, पूर्व सांसद राजपाल सैनी, सुभाष चौधरी, स्वामी आर्यवेश, कांग्रेस नेता सुबोध शर्मा, पूर्व विधायक चंद्रवीर सिंह, मनीषा अहलावत, जगतार सिंह बाजवा, भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा, सुरेंद्र टिकैत, गौरव टिकैत, कोच अशोक चौधरी, प्रभात चौधरी, राजीव बालियान मौजूद रहे।
सिसौली की झलकियां
- कार्यक्रम में आए किसानों के लिए विभिन्न गांवों के लोगों ने खाने की व्यवस्था की थी।
- किसान भवन के सामने वाले मार्ग पर दिनभर जाम की स्थिति रही।
- किसान भवन में अजय चौटाला ने पुस्तकालय का उद्घाटन किया।