मुजफ्फरनगर। मानस मर्मज्ञ संत विजय कौशल जी महाराज ने कहा कि भगवान को आज तक कोई नहीं ढूंढ पाया, उन्हें अटूट श्रद्धा के साथ पुकारो तो खुद दौड़े चले आते हैं।
वृंदावन गार्डन में श्री राम कथा को विराम देते हुए संत विजय कौशल महाराज महाराज ने केवट प्रसंग की रसीली और सात्विक कथा के माध्यम से भगवत प्राप्ति का साधन बताया। कहा कि भगवान खोजे नहीं जाते, पुकारे जाते हैं। भगवान को आज तक कोई नहीं खोज पाया, जबकि वह है कन कन में है, लेकिन उन्हें पुकारो तो वह खुद चले आते हैं। जैसे मीरा, प्रहलाद, ध्रुव, नरसिंह आदि ऐसे अनेक भक्त हुए जिन्होंने उन्हें पुकारा तो भगवान खुद प्रकट हो गए। इसी का प्रभाव है कि केवट को भगवान घाट पर स्वयं दर्शन देने जाते हैं।
कथाव्यास ने कहा कि भगवान किसी जाति बंधन में नहीं बंधते हैं। समाज के सभी वर्गों पर समान रूप से कृपा करते है। भगवान को पाने के तीन मार्ग हैं ज्ञान कर्म और भक्ति। भगवान कहते हैं मुझे सीधा साधा निष्कपट भक्त ही पसंद है और केवट को अटूट भक्ति का वरदान देते हैं। लोगों को परिवार में सुख शांति और आनंद के लिए चार सूत्र बताते हुए संत विजय कौशल महाराज ने कहा कि परिवार के सभी सदस्य प्रतिदिन कम से कम एक बार एक साथ बैठकर ईश्वर का ध्यान करें। इसके अलावा दिन के एक समय का भोजन सभी सदस्यों को एक साथ मिलकर करना चाहिये। साथ ही सोने से पहले भी ईश्वर का ध्यान करना चाहिए। कथा के अंतिम दिन एक से एक सुंदर भजनों से हजारों श्रद्धालुओं को अंतर्मन से जोड़ा तो श्रद्धालु भावविभोर होकर नाचने लगे।
इस अवसर पर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल, भूदेव सिंह, अनिल कंसल ने विचार रखे। भगवान श्री राम की आरती वंदना में लाला फूलचंद कंसल, किशन कंसल, भीमसेन कंसल, अनिल कंसल, राकेश बिंदल, रघुराज गर्ग, सतीश गोयल, अनिल गर्ग, आलोक स्वरूप, सुभाष अग्रवाल, रविंद्र चौधरी, सुरेंद्र अग्रवाल, सोम प्रकाश, सत्य प्रकाश मित्तल, अतुल गर्ग , जेपी गोयल, अमरीश सिंगल, विजेंद्र अग्रवाल, विकास अग्रवाल, रजत राठी, रजत गोयल, विनोद राठी, योगेश गोयल, संजीव अग्रवाल, दिनेश गर्ग, आदि सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। भंडारे के साथ कथा ने विराम पाया।
भोपा रोड पर रामकथा के समापन पर मौजूद श्रद्धालु।- फोटो : MUZAFFARNAGAR