मुजफ्फरनगर, चरथावल। चरथावल क्षेत्र के करीब 12 गांव में पिछले दो साल से प्राइवेट एवं रोडवेज बसों का संचालन बंद है। इन गांवों के अलावा अनेक संपर्क मार्गों गांवों के हजारों यात्रियों को रोजाना सफर करने में दिक्कत हो रही है।
कोविड काल में लॉकडाउन लगने पर इन मार्गों पर संचालन बंद हुआ था। दूधली, छिमाऊ, कन्हाहेड़ी, गुनियाजुड्डी, पिलखनी, बुड्ढाखेड़ा मुथरा, चौकड़ा, कसौली आदि गांवों में परिवहन व्यवस्था बाधित चली आ रही है। रोडवेज और निजी संचालकों की अनदेखी का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है। कसौली मार्ग से होकर सहारनपुर और करनाल जाने वाली बस भी अरसे से बंद है। ग्रामीणों ने प्रशासन से देहात मार्गों पर बसों को पुन: शुरू कराने की मांग की है।
- गांव से वाया छिमाऊ बुड्डाखेड़ा होते हुए सहारनपुर जाने के लिए बसों का संचालन सुलभ है। क्षेत्र के लोगों को इस मार्ग की दूरी भी कम पड़ती है, लेकिन कोरोनाकाल के बाद मुजफ्फरनगर आने जाने की सभी बसों का संचालन बंद चला आ रहा है। जिससे लोगों को निजी संसाधनों से गंतव्य तक पहुंचने में महंगा सफर करना पड़ रहा है। - ध्यान सिंह, रिटायर्ड मेजर, कसौली
- लॉकडाउन से पहले उनके गांव में दशकों से रोडवेज बसों का संचालन होता था। रोजाना मुजफ्फरनगर से बिरालसी, गुनियाजुड्डी होकर सहारनपुर और करनाल तक बस चलती थी। ठाकुर बहुल क्षेत्र की ज्यादातर रिश्तेदारी हरियाणा में है। इन बसों के संचालन से ग्रामीणों और रिश्तेदारों को सफर आरामदायक और सस्ता महसूस होता था। - मुकेश कुमार, व्यापारी, छिमाऊ
- गांव में रोडवेज बसों का संचालन जनहित में शुरू होना चाहिए। ताकि नौकरी पेशा और छात्र-छात्राओं को सुविधा हो। मुजफ्फरनगर और बिरलसी से रात को बसों का आखिरी टाइम कम से कम आठ बजे होना चाहिए। ताकि लोगों को रात में अपने घर आने-जाने में सुविधा है, लेकिन फिलहाल सांझ ढलते ही यात्रियों को गांव पहुंचने के लिए बस ढूंढनी पड़ती है। - नरेंद्र सैनी, किसान, दूधली
बसों से संचालन से होगा क्षेत्र का विकास
चौकड़ा के पूर्व ग्राम प्रधान सुभाष त्यागी कहते हैं कि करीब दो दशक पहले उनके गांव से रोडवेज बसों का संचालन दिल्ली तक होता था। जिससे ग्रामीणों को काफी राहत रहती थी। बीमार, बुजुर्ग और मध्यम वर्गीय लोगों को बसों का सफर मुफीद माना जाता है। जिला मुख्यालय और दूरदराज क्षेत्रों में विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने में बसों का संचालन शुरू होना चाहिए। व्यापार की उन्नति बेहतर परिवहन व्यवस्था पर टिकी है, लेकिन इस मार्ग पर दो साल से रोडवेज और निजी बसों का संचालन बंद होने से विकास की गति धीमी नजर आती हैं।
मुकेश कुमार किराना व्यापारी छिमाऊ- फोटो : MUZAFFARNAGAR
नरेंद्र सैनी किसान दूधली- फोटो : MUZAFFARNAGAR