राजकीय कालेज के मैदान में महापंचायत में उमडा जनसैलाब।
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भाकियू को संजीवनी दे गए भाजपा विधायक
मुजफ्फरनगर। लालकिले की घटना से आहत भाकियू ने किसान आंदोलन से हाथ खींचने का निर्णय ले लिया था। सिसौली में हुई पंचायत में चौधरी नरेश टिकैत ने गाजीपुर बॉर्डर खाली करने की घोषणा कर दी थी। भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बॉर्डर पर किसानों से दुर्व्यवहार करने के बाद राकेश टिकैत के आंसू निकले, तो भाकियू ने रणनीति बदल दी और महापंचायत का एलान कर दिया।
गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत दुखी थे। उन्होंने अपने छोटे भाई राकेश टिकैत से भी बात की थी और गाजीपुर बॉर्डर खाली करने के लिए कहा था। बाकायदा सिसौली में बृहस्पतिवार को हुई पंचायत में यह निर्णय ले लिया गया कि किसान गाजीपुर बॉर्डर खाली करेंगे। यह निर्णय लेने के कुछ देर बात ही राकेश टिकैत के रोने की वीडियो जारी हुई और नरेश टिकैत ने राकेश से बात की। राकेश टिकैत ने बॉर्डर पर भाजपा विधायक द्वारा किसानों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी। इसके बाद, भाकियू अध्यक्ष ने देर रात को फिर से किसान भवन में पंचायत बुलाई और जीआईसी के मैदान में महापंचायत का एलान कर दिया। खुद नरेश टिकैत ने महापंचायत के मंच से यह बात कही। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक ने किसान आंदोलन को संजीवनी दे दी है। हम लोग तो आंदोलन को खत्म करने की घोषणा कर चुके थे। अधिकतम वक्ताओं के निशाने पर भी भाजपा विधायक ही रहा।
गले मिले टिकैत और जयंत
मुजफ्फरनगर। किसान महापंचायत में राजनीतिक गिले शिकवे भी दूर हुए। लाटियान खाप चौधरी वीरेंद्र सिंह ने मंच से कह दिया कि आज चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी और चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के पुत्र नरेश टिकैत गले मिलेंगे। अब से पहले जो गिले शिकवे थे आज वह सब दूर हो गए है। जब दोनों गले मिले तो जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया।