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Bharat Ratna: रेडियो झूठिस्तान पर किस्से सुन लट्टू हा गए थे चौधरी साहब, जेल में बंदी भी हो जाते थे लोटपोट

Fri, 09 Feb 2024 07:15 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मुजफ्फरनगर

सार

Bharat Ratna Award 2024 : चौधरी साहब रेडियो झूठिस्तान पर किस्से सुनकर लट्टू हा गए थे। वहीं, आपातकाल के दौरान जेल में बंद मुस्तफा रेडियो झूठिस्तान के किस्से सुनाकर बंदियों को भी लोटपोट करते थे।
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डॉ. मुस्तफा लोकतंत्र सेनानी और चौधरी चरण सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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भारत-पाकिस्तान युद्ध के मुद्दे पर लोकतंत्र सेनानी और रेडियो झूठिस्तान के नाम से मशहूर डॉ. मुस्तफा से पहली मुलाकात में चौधरी चरण सिंह कायल हो गए थे। उन्होंने बताया कि किसानों के मसीहा से कई मुलाकात हुईं।

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आपातकाल के दौरान जेल में बंद मुस्तफा रेडियो झूठिस्तान किस्से सुनाकर बंदियों को लोटपोट करते थे। साढ़े पांच महीने जेल काटने के बाद उनकी मुलाकात जलालाबाद के गय्यूर अली खां ने चौधरी साहब से लखनऊ में कराई थी। आपातकाल खत्म होने के बाद मार्च 1977 में जलालाबाद के गय्यूर अली खां ने कस्बे के मोहल्ला शेखजादगान पूर्वी निवासी मुस्तफा की भेंट चौधरी साहब से कराई। चौधरी साहब को उनका परिचय रेडियो झूठिस्तान के नाम से दिया गया। 

उन्हें बताया कि चरथावल का यह नौजवान आपातकाल में हमारे साथ जेल में बंद रहा है। जेल में रेडियो झूठिस्तान सुनकर कैदी कष्ट काफूर हो जाया करते थे। यह सुनकर चौधरी चरण सिंह ने नौजवान से रेडियो झूठिस्तान सुनने की इच्छा जताई। मुसतफा ने जब उन्हें भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद माहौल पर यह किस्सा... 'हमारे संववाददाता ने बताया कि हिंदुस्तान और पाकिस्तान की लड़ाई जोरों पर है, पाकिस्तान के वजीरे आजम जनाब भुट्टो मदद के लिए अमेरिका जा रहे थे, इससे पहले उन्होंने चाय पीनी शुरू की, तो चाय की प्याली के अंदर जहाज गिर गए.. उन्हें निकालने के लिए मशीनें मंगाई गई, लेकिन कोई निकाल नहीं सका।..' सुनकर चौधरी साहब मुस्कराने लगें। तभी से चौधरी साहब से लखनऊ में बीयूएमएस कर रहे डॉक्टर मुस्तफा से उनकी अनगिनत मुलाकात हुईं। वह अक्सर उनके कार्यक्रमों में शिकरत करने लगें।

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बकौल मुस्तफा चौधरी साहब मंचों से उन्हें रेडियो झूठिस्तान के नाम से पुकारने लगे थे। 75 वर्षीय मुस्तफा कहते है कि उन्होंने 50 बार से ज्यादा बड़े चौधरी से मुलाकात की। आज भी वह उनकी सादगी, सरलता और मृद व्यवहार के कायल है। भारत रत्न मिलना देश के किसानों के लिए गौरव की बात है।

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