मुजफ्फरनगर। तापमान गिरते ही बीमारियों ने बच्चों को घेरना शुरू कर दिया है। एक सप्ताह में पारा पांच डिग्री गिर गया है, जिससे बच्चे सर्दी की चपेट में आ रहे हैं।
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के बाल रोग विभाग में रोजाना 150 बीमार बच्चे पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकतर खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित हैं। जिले के 43 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की बात करें तो बीमार बच्चों का रोजाना का आंकड़ा 400 के पार है। इसके अलावा निजी डॉक्टरों के यहां भी बीमार बच्चों की भीड़ लग रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा अग्रवाल का कहना है कि बच्चों की ओपीडी बढ़ी है। तापमान अचानक गिरा है, जिस कारण बच्चों को सर्दी लग जाने से खांसी, जुकाम और बुखार के भी मामले रोजान सामने आ रहे हैं।
उधर, बुढ़ाना कस्बे की सीएचसी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनु चौधरी ने बताया कि रोजाना करीब 150 से 200 मरीज ओपीडी में देखे जाते हैं। बच्चों की संख्या 20-25 रहती है। अधिकतर मरीज नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के आ रहे हैं। पीएचसी के प्रभारी डॉ. सोनू कश्यप ने बताया कि उनकी सीएचसी पर 50 से 60 मरीज ओपीडी में देखे जाते हैं। बच्चों की संख्या 8 से 10 तक होती है। आजकल मौसम परिवर्तन के कारण खुजली की समस्या अधिक है ।
स्वास्थ्य कैंप में बीमार मिले 325 बच्चे
बदलते मौसम में बीमारियां बच्चों को घेर रही है। आरोग्य मेलों में जांच कराई गई तो 325 बच्चे मौसमी बीमारियों से पीड़ित मिले हैं। इनमें अधिकतर को खांसी और जुकाम है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी लग जाने से बच्चों को बीमारियां घेर रही हैं।
सर्दी लगने से बीमार हो रहे बच्चे
बाल रोग विशेष डॉ. गिरीश का कहना है कि तापमान में बदलाव हुआ है। एक सप्ताह से सर्दी लगने से बीमार बच्चों के मामले पहुंच रहे हैं। वायरल का प्रकोप बना हुआ है। अभिभावकों को चाहिए कि मच्छरों से बचाव करें, ठंड से बच्चों को बचाए और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।
इस तरह लोगों को घेर रहीं बीमारियां
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खतौली में प्रतिदिन 35 से 40 बच्चे सामान्य बुखार, नजला जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। तापमान गिर जाने से बच्चे बीमार हो रहे हैं।
- जानसठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 30 से 40 मरीज नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के आ रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है।
- बरला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. मुकीम अहमद ने बताया कि रोजाना 75 से80 मरीज देखें जा रहे हैं, इनमें बच्चों की संख्या आठ से दस है। बुखार और खांसी बढ़ी है।
- पुरकाजी पीएचसी के प्रभारी डॉ. अरुण कर्णवाल ने बताया कि पीएचसी पर रोजाना 200 से 250 मरीज आ रहे हैं। जिनमें 70 से 80 मरीज बुखार, नजला व जुकाम के होते हैं।
- शाहपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 45 से 50 मरीज नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के आ रहे हैं। तापमान गिरने से मरीजों की संख्या बढ़ी है।
इस तरह बदल रहा है तापमान
तिथि अधिकतम न्यूनतम
18 नवंबर 26.5 11
19 नवंबर 27 10.2
20 नवंबर 26.8 9.5
21 नवंबर 26.5 9.2
22 नवंबर 25.8 8.3
23 नवंबर 25 6.8
24 नवंबर 24.9 8.2
इसलिए लग जाती है सर्दी
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गरिमा अग्रवाल बताती हैं कि सर्दी-जुकाम एक संक्रमण है। घर के किसी सदस्य और बाहर से आने वाले किसी व्यक्ति को सर्दी है, तो यह वायरस संक्रमित व्यक्ति से शिशु के शरीर में दाखिल हो सकता है। बच्चों की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर होती है, इसलिए वो जल्द सर्दी का शिकार हो सकते हैं। बच्चों को लगभग 100 से ज्यादा कोल्ड वायरस प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं। जो लोग खांसी-जुकाम से पीड़ित है, उनसे बच्चों को दूर रखें। प्रदूषित हवा से भी यह संक्रमण फैल सकता है। परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क कर उपचार कराना चाहिए।