20 परिवारों के लिए खतरा बना एड्स
मुजफ्फरनगर। जिले में एड्स के अब तक 168 मामले समने आ चुके हैं। इनमें 20 परिवार ऐसे हैं, जिनके कई सदस्य बीमारी की चपेट में है। स्वास्थ्य विभाग लगातार निगरानी कर उपचार कर रहा है। लोगों को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
साल 2020-21 की बात करें तो जिले में एड्स के 223 मामले सामने आए थे। जबकि 2021-22 में अब तक 168 मामले सामने आ चुके हैं। इस साल मिले मामलों में 20 परिवार ऐसे हैं, जिनके दो या दो से अधिक सदस्य बीमारी से जूझ रहे हैं। खून की जांच के दौरान या शक होने पर परिवार के सदस्यों ने ही जांच कराई, जिसके बाद बीमारी के विषय में जानकारी मिल सकी। सीएमओ डॉ. महावीर सिंह फौजदार का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक पीड़ित की निगरानी कर रहा है और बेहतर तरीके से उपचार दिया जा रहा है। जागरूकता के चलते बीमारी से बचाव किया जा सकता है।
खतरा बन रहा टीबी के साथ एड्स
जिले में 41 पीड़ित ऐसे हैं, जिनके लिए एडस अधिक खतरा बना हुआ है। इसकी वजह यह है कि यह रोगी एड्स और टीबी दोनों बीमारियों से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग के पास ऐसे कई रोगी हैं, जो टीबी का उपचार कराने पहुंचे थे, लेकिन जांच में उन्हें एचआईवी मिला। जिसके बाद टीबी और एड्स का उपचार शुरू कर दिया गया।
मां से बच्चों को बीमारी के भी मामले
जिले में ऐसे कई मामले हैं, जिनमें मां से बच्चों को यह बीमारी मिली है। संक्रमित खून की वजह से यह बीमारी फैली है। कई ऐसे केस हैं, जिनका कहना है कि संक्रमित सुई के कारण उन्हें यह बीमारी मिली है।