मुजफ्फरनगर। होली के बाद मौसम में आए बदलाव की वजह से शनिवार रात जिले में आंधी के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। आंधी में आम का बौर गिर गया है। देहात के भोपा, तितावी और मोरना क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई। दुल्हेंडी के दिन मौसम का मिजाज गर्म रहा। जिसके बाद शनिवार को दिन में आसमान में काले बादल छाने लगे थे। रात में तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि शुरू हो गई।
आंधी के कारण शहर की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। तितावी, भोपा, मोरना ब्लॉक में सबसे अधिक ओलावृष्टि हुई। बारिश के साथ ओले पड़ने से जिले के कई क्षेत्रों में आम के बौर को नुकसान हुआ है। इसके अलावा गोभी, आलू की फसलों को भी क्षति पहुंची है।
जिले में 3.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। जिला उद्यान अधिकारी एसी पाठक ने बताया कि ओलावृष्टि के साथ बारिश होने से आम को अधिक नुकसान नहीं होगा, क्योंकि पेड़ों पर बौर अधिक है। पांच प्रतिशत ही बौर पेड़ों से गिरा है। आम के पेड़ों पर जितना बौर आता है, सब फसल नहीं बनता। यदि तैयार आम पर ओलावृष्टि हो जाए तो अधिक हानि उठानी पड़ती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक अगले तीन दिन जिले में छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना है।
नाला चौक होने से शिवचौक पर पानी
शनिवार रात बारिश आने से शहर में शिवचौक समेत कई स्थानों पर जलभराव हो गया। शहर के अधिकतर नाले पॉलीथिन से अटे पड़े हैं। बरसात के पानी से नाले का पानी सड़क पर आ गया। मीनाक्षी चौक से महावीर चौक तक अमृत योजना के अंतर्गत सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। बारिश के कारण इस क्षेत्र में आवागमन ठप हो गया। वहीं, बारिश और ओलावृष्टि से सुबह और शाम की सर्दी बढ़ गई है। होली पर्व पर मौसम में गर्मी बढ़ गई थी। सर्दी के कपड़े भी दिनचर्या की वेशभूषा से हट गए थे, मगर बादलों के छाने और बारिश ने मौसम का मिजाज फिर से ठंडा कर दिया है।
ओलों से गेेहूं, सरसों को भारी नुकसान
भोपा। शनिवार रात हुई ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। रात में अचानक बरसात शुरू हुई। बारिश के साथ ओले भी पड़े। ओलावृष्टि ने भोपा सहित आसपास के दर्जनों ग्रामों में गेहूं, सरसों सहित सब्जी की फसलों में नुकसान पहुंचा है। किसान धर्मपाल सिंह राठी, गुरुदास वालिया, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष चंद्रवीर राठी, प्रधान मेनपाल, मुमताज अली बेलड़ा, सुदेश लाला रहकड़ा, बिट्टू प्रधान, प्रधान वरुण कुमार, सुरेंद्र बालियान, प्रधान जान मौहम्मद ने बताया कि रात मेें हुई बरसात के साथ ओलावृष्टि से फसलों को हानि पहुंची है। कई जगहों पर तो गेहूं और सरसों की फसल खेतों में लेट गई है। आम की पैदावार पर भी काफी फर्क पड़ेगा, क्योंकि आम का बौर भी ओले से गिर गया है। ब्यूरो