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खतौली से देवबंद सीमा तक बनेंगे 75 पुल

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नरा में एनएच-58 पर डेडिकेडेट फ्रेट रेल कॉरिडोर का कराया जा रहा पुलों का निर्माण। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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खतौली से देवबंद सीमा तक बनेंगे 75 पुल
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मुजफ्फरनगर। जनपद की सीमा में रेलवे के डेडिकेटेड फ्रेट रेल कॉरिडोर के निर्माण ने तेजी पकड़ ली है। खतौली से लेकर देवबंद सीमा तक 75 पुलों का करीब 60 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। लेकिन मिट्टी निर्माण कार्य जिले के प्रशासन की लापरवाही के कारण 10 महीने से बंद पड़ा हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वपूर्ण परियोजना के संबंध में दिल्ली से अफसरों से जिले के डीएम से लेकर मंडलायुक्त तक समस्याओं से अवगत कराया है। परंतु मिट्टी कार्य अधर में लटका है। भारत सरकार की रेलवे कॉरिडोर परियोजना में जनपद की सीमा में पुलों के निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। खतौली के आसपास जड़ौदा नरा से लेकर, पीनना, आखलोर, बधाई खुर्द, कछौली, रोहाना आदि से होकर सहारनपुर जिले की सीमा तक जिले में छोटे और बड़े 75 पुलों का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्रामीण कुछ गांवों के मुख्य मार्गों पर अंडरपास बनवाने के लिए अवरोध उत्पन्न करते है। जबकि विभाग द्वारा मंजूर डिजाइन के अनुसार कार्य होता है। जनपद में निर्माण स्थल पर तैनात एलएंडटी कंपनी के इंजीनियर निलेश ने बताया पुलों का करीब 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। बरसात के बाद पुलों के निर्माण कार्य ने रफ्तार पकड़ी है।
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ईस्टर्न रेल कॉरीडोर का निर्माण करीब 1400 किमी का होना है। यह रेल लाइन मुजफ्फरनगर-सहारनपुर होकर पंजाब के अंबाला-शाहनेवाल तक जाएगी। जिले के गांव मंसूरपुर, सिमली, मीरापुर, पीनना, सलेमपुर, कल्लरपुर, लकडसंधा, जट नंगला, बधाई, रसूलपुर आदि में मिट्टी कार्य में व्यवधान आ रहा है।
इनसेट
दो गांवों में पुलों के निर्माण में रुकावट
मुजफ्फरनगर। सकौती से मंसूरपुर तक सिर्फ 2.9 प्रतिशत कार्य अवशेष है। जबकि मुजफ्फरनगर सीमा में मंसूरपुर से सलेमपुर 16 किमी तक मिट्टी का 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जबकि कल्लरपुर और जटनंगला में दो पुलों के निर्माण में मुआवजा मिलने के बावजूद ग्रामीण अवरोध कर रहे है। कई बार एसडीएम मौके पर जा चुके है। लेकिन समस्या जस की तस है। लकडसंधा - गुनारसा तक नौ किमी में मिट्टी कार्य सिर्फ 30 प्रतिशत हो पाया है। जबकि यह कार्य सितंबर 2020 में पूरा होना था। जून 2021 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य पिछड़ गया है। मिट्टी खनन में रुकावट सबसे बड़ी दिक्कत है। ऐसी हालत में जनवरी 2023 तक इस जिले में काम पूरा होने की उम्मीद है।
वर्जन
मुजफ्फरनगर जनपद में मिट्टी खनन नहीं होने की वजह से कार्य पिछड़ रहा है। मंडलायुक्त के माध्यम से समस्या निदान कराने के निर्देश खनन विभाग को दिए है। पर प्रगति शून्य है।
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-डॉ. रमन चौधरी, परियोजना के प्रशासनिक अधिकारी

नरा में एनएच-58 पर डेडिकेडेट फ्रेट रेल कॉरिडोर का कराया जा रहा पुलों का निर्माण।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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