मुजफ्फरनगर। जिले में सांसद और समस्त विधायक सत्ताधारी दल भाजपा के होने के कारण जनता को प्रदेश सरकार के बजट से काफी उम्मीदें थी। बजट में जिले को अलग से कुछ खास नहीं मिला है। नया मेडिकल कॉलेज और जेल को आबादी से बाहर ले जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति नहीं मिल पाई है। हालांकि शहरी और पुरकाजी क्षेत्र के कुछ कार्यों को मंजूरी मिली है। बजट में कृषि से जुड़ी घोषणाओं का किसानों ने स्वागत किया है।
प्रदेश सरकार के बजट से जिले की जनता को उम्मीद थी कि घनी आबादी में बनी जिला जेल को शहर से बाहर मंजूरी मिल जाएगी। इसी के साथ पीनना से सहारनपुर मार्ग तक के बाईपास को मंजूरी की उम्मीद लोग बांधे थे। इस तरह के चारों तरफ बाईपास हो जाता, लेकिन बजट में इन दोनों प्रस्तावों को मंजूरी नहीं मिल पाई। सरकार ने बजट में पांच जिलों में जिला चिकित्सालयों को उच्चीकृत करते हुए मेडिकल कॉलेज बनाए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई। जिले को इससे अछूता ही रखा गया है।
शहर विधायक कपिलदेव अग्रवाल का कहना है कि उनके क्षेत्र में चार पुलों और कुछ सड़कों को बजट में स्वीकृति मिली है। अग्रवाल का कहना है कि बजट में रामलीला टिल्ला न्याजूपुरा मार्ग पर सेतु पहुंच मार्ग स्वीकृत हुआ है। इसके लिए दस करोड़ 31 लाख स्वीकृत हुआ है। काली नदी पर मुख्य पुल के चौड़ीकरण और नदी से अगले परदाफाश पुल का निर्माण स्वीकृत हुआ है। जट मुझेड़ा से तिगरी के बीच के पुल को स्वीकृति मिली है। इसके साथ ही गुप्ता रिसोर्ट से वहलना चौक तक, जीटी रोड से वहलना मंदिर तक, रुड़की चुंगी से रामपुर तिराहा आदि सड़क मंजूर हुई है।
पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊंटवाल ने बताया कि बजट में उनके क्षेत्र का विशेष ध्यान रखा गया है। खादर में बांध को हरी झंडी मिली है। रुड़की चुंगी से रामपुर तिराहे तक सौंदर्यीकरण, सिसौना से नसीरपुर कांवड़ मार्ग का निर्माण, न्याजूपुरा से शनिधाम को जोड़ने वाले पुल को सरकार ने मंजूरी दी है। उधर, बजट में कृषि समितियों को कंप्यूटरीकृत किए जाने का किसानों ने स्वागत किया है। गांव जसोई के विजयपाल सिंह का कहना है कि इससे साधन सहकारी समितियों में अब कोई गड़बड़झाला नहीं हो पाएगा। सारा हिसाब किताब कंप्यूटर पर रहेगा। दूधाहेड़ी के किसान राजीव राठी ने जमीनों के पुराने रिकार्ड को कंप्यूटरीकृत करने के सरकार के कदम को सराहा है। उनका कहना है कि इससे कागजों में हेराफेरी का खेल खत्म हो जाएगा और आम जनता को सीधे रिकार्ड उपलब्ध होगा। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए बजट में धन की व्यवस्था करने का भी लोगों ने स्वागत किया है।
पूर्व विधायक राव वारिस ने बजट की आलोचना की है। जिले के समस्त जनप्रतिनिधि भाजपा के होने के बावजूद प्रदेश सरकार ने बजट में जिले को कोई खास तवज्जो नहीं दी है। तीर्थनगरी हरिद्वार जाने के लिए जिले से निकालते हुए दिल्ली-हरिद्वार के लिए एक्सप्रेस-वे की घोषणा पर निगाहें टिकी थी, सरकार ने इसे भी ठंडे बस्ते में डाल दिया है।