मुजफ्फरनगर। लेखपाल की एक गलती के कारण किसान शासन की महत्वाकांक्षी फसल ऋण मोचन योजना का लाभ पाने से वंचित रह गया। किसान ने डीएम से शिकायत कर योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम से मिले चरथावल क्षेत्र के गांव गुनियाजुड्डी निवासी अरविंद कुमार ने बताया कि वह एक गरीब किसान है। योगी सरकार द्वारा गरीब किसानों को राहत देने के लिए फसल ऋण मोचन योजना शुरू की थी। इस योजना की प्रथम सूची में लाभार्थी के रूप में उसको चयनित करते हुए नाम भी दर्शाया गया था। अरविंद कुमार ने बताया कि उसके पास नौ बीघा भूमि है। आरोप लगाया कि लेखपाल और बैंक मैनेजर बिरालसी ने मिलीभगत कर उसकी भूमि को 54 बीघा दिखा दिया, जिस कारण उसका ऋण माफ नहीं हो पाया है। पीड़ित किसान ने डीएम से लेखपाल और बैंक मैनेजर के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्रवाई कर उसका ऋण माफ कराने की मांग की है।
चौकीदारों ने डीएम को दिया ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को कायम रखने में पुलिस और प्रशासन के बीच की कड़ी बनने वाले ग्रामीण चौकीदारों ने समस्याओं को लेकर डीएम को ज्ञापन दिया। 19 फरवरी को अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट प्रदर्शन करने की बात कही। ग्रामीण चौकीदार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नीटू चौधरी, इस्लामुद्दीन, हनीफ और रतन सिंह शुक्रवार को कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम को एक प्रार्थना पत्र देते हुए अवगत कराया कि जनपद के ग्रामीण अंचलों में तैनात चौकीदारों को मिलने वाला मेहनताना बेहद कम है। इसमें वृद्धि की मांग को लेकर 19 फरवरी को सभी कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन करेंगे। नीटू चौधरी ने बताया कि ग्रामीण अंचल में तैनात एक चौकीदार को 1500 रुपये मेहनताना के रूप में मिलता है। सपा शासन में चौकीदारों को साइकिल देने की बात कही गई थी, कुछ चौकीदारों को साइकिल भी नहीं मिली है।