मुजफ्फरनगर। कंपोजिट स्कूल वहलना में सात माह से 543 बच्चों को मिड डे मील नहीं मिल सका। वजह सिर्फ इतनी कि स्कूल की शिक्षिकाओं में से कोई इंचार्ज प्रधानाध्यापक बनने के लिए तैयार नहीं है। एक शिक्षिका को चार्ज देने का मामला अदालत चला गया।
पालिका के विस्तारीकरण के बाद वहलना का ग्राम पंचायत का दर्जा खत्म कर शहरी क्षेत्र में शामिल कर लिया गया है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय को कंपोजिट स्कूल में बदला गया। स्कूल में कक्षा पांच तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए नौ और जूनियर कक्षाओं को पढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने दो शिक्षिकाओं की नियुक्ति की है। अप्रैल माह से अब तक स्कूल में मिड डे मील नहीं बना। मामला लखनऊ तक पहुंच गया, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। स्कूल की जिम्मेदारी के प्रकरण में बच्चों का निवाला उलझ गया है।