लोक अदालत में 24,831 मुकदमे निस्तारित
मुजफ्फरनगर। जनपद में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में राजस्व व फौजदारी समेत अन्य अपराधों के कुल 24,831 मुकदमों का निस्तारण किया गया। इन मुकदमों के निस्तारण में जुर्माना व राजस्व वसूली के रूप में पांच करोड़ से अधिक की धनराशि भी वसूल की गई।
जिला न्यायालय व कलक्ट्रेट परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश राजीव शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान जिला जज ने राष्ट्रीय लोक अदालत का महत्व बताते हुए कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल एवं सुलभ न्याय प्रदान करना है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला न्यायालय मुजफ्फरनगर के 1730 मुकदमे निस्तारित कर 10.37 लाख का अर्थदंड वसूल किया गया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में 59 पारिवारिक मुकदमे निस्तारित कर 15.22 लाख रुपये समझौता धनराशि के रूप में दिलाए गए। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह द्वारा 155 वादों का निस्तारण कर 42.47 लाख की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलाई गई। डीएम चंद्रभूषण सिंह के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा कुल 19,789 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनोज कुमार जाटव द्वारा 465 फौजदारी वादों का निस्तारण किया गया। भारत संचार निगम द्वारा 22 मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। वहीं, बैंकों के द्वारा 403 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराते हुए 4.08 करोड़ की धनराशि आपसी सुलह समझौते के आधार पर प्राप्त की गई। लोक अदालत में प्रधान न्यायाधीश के साथ ही नोडल अधिकारी लोक अदालत अपर जिला जज शक्ति सिंह सहित समस्त न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।