स्पेशल यूनिट विजिलेंस की जांच के शिकंजे में मुजफ्फरपुर के पूर्व एसएसपी विवेक कुमार बुरी तरह से फंस गए हैं। ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों के बैंक खातों और लॉकरों की गहन जांच में नया खुलासा हुआ है। शहर के अंसारी रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक शाखा में आईपीएस की पत्नी के नाम एक ही दिन में एक-एक लाख रुपये की 22 एफडी कराई गई थी। सर्च अभियान में जुटी एसयूवी टीम पिछले चार दिन से यहां डेरा डाले हुए है।
बिहार कैडर के वर्ष 2007 बैैच के आईपीएस विवेक कुमार पर आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे ही हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। सहारनपुर के मूल निवासी विवेक की ससुराल में एसयूवी के टीम बीते चार दिनों से गहन जांच पड़ताल में जुटी है। ससुराल के साथ उनकी पत्नी के अन्य रिश्तेदारों को भी जांच के दायरे में लिया गया है।
एसयूवी के अफसरों ने शहर के अंसारी रोड स्थित एसबीआई शाखा में खातों की जांच आगे बढ़ाई, तो बृहस्पतिवार को नया खुलासा हुआ। सूत्रों के मुताबिक मुजफ्फरपुर का एसएसपी बनने के बाद एक ही दिन में उनकी पत्नी निधि कर्णवाल के नाम एक-एक लाख रुपये की 22 एफडी 13 नवंबर 2016 को मुजफ्फरनगर में बनवाई गई थी। ससुर वेदप्रकाश और सास उमा रानी कर्णवाल के नाम से करीब 61 लाख रुपये की 34 एफडी भी मिली है।
एसयूवी की टीम ने एफडी के तमाम कागजात और ब्योरा फ्रीज करा दिया है। कार्रवाई के दौरान एसबीआई शाखा में हड़कंप की स्थिति रही। इससे पहले उनकी आर्यपुरी स्थित ससुराल के आवास में छह बैंक लॉकरों की चॉबी मिली है। अभी तक खोले गए बैंक लॉकरों में एसयूवी की टीम 1.85 करोड़ रुपये की एफडी, आठ लाख रुपये नकद, करीब 17 लाख के गहने और भूमि संपत्ति के कागजात बरामद कर चुकी है।
एसयूवी के अधिकारी निलंबित आईपीएस विवेक के ससुर वेदप्रकाश कर्णवाल से तमाम जानकारी लेने में जुटे है। जांच की पूरी कार्रवाई से एसयूवी के पटना स्थित आईजी रत्न संजय को अवगत कराया गया है। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी चल रही है।
आर्यपुरी में सन्नाटा, पुलिस बल तैनात
मुजफ्फरनगर। आईपीएस विवेक कुमार की आर्यपुरी स्थित ससुराल के आवास पर सिटी कोतवाली की पुलिस लगातार तैनात है। घर के अंदर बाहरी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित है। चार दिनों से एसयूवी टीम की कार्रवाई से गली में सन्नाटा पसरा है। आस पास के मकानों में भी दरवाजे बंद है।
शराब माफिया से कनेक्शन तलाश रही एसयूवी
मुजफ्फरनगर। एसयूवी की जांच टीम शराब माफिया से निलंबित आईपीएस के कनेक्शन को भी ढूंढ रही है। आय से 300 गुणा ज्यादा संपत्ति मिलने के खुलासे के बाद विजिलेंस के अधिकारी आय के स्रोत तलाशने में लगी है। शक है कि हरियाणा से बिहार राज्य में अवैध शराब की आपूर्ति से जुड़े शराब माफिया को मुजफ्फरपुर के पूर्व एसएसपी का कोई संरक्षण तो नहीं मिला हुआ था।
तीसरे लॉकर से भी निकली लाखों की संपत्ति
पटना। मुजफ्फरपुर के निलंबित एसएसपी विवेक कुमार के ठिकानों पर छापेमारी चौथे दिन भी जारी है। बिहार, यूपी और दिल्ली तक यह छापेमारी चल रही है। स्पेशल विजिलेंस यूनिट की एक टीम ने विजया बैंक के तीसरे लॉकर को बृहस्पतिवार को खोला, जिसमें से बड़ी बरामदगी हुई। बृहस्पतिवार को विवेक कुमार के ससुराल में भी लॉकर खोले गए हैं। इस बात की जानकारी उनके ठिकानों पर छापेमारी कर रही स्पेशल विजलेंस टीम ने दी।
विवेक कुमार के तीसरे लॉकर से 36 लाख रुपये मिले। दूसरी ओर उनके सास-ससुर के इंडियन ओवरसीज बैंक के लॉकर से 45 लाख और पांचवें लॉकर से 35 लाख नकद बरामद किया गया है। अभी एक लॉकर की तलाशी बाकी है। इससे पहले 18 अप्रैल को दो अन्य लॉकरों से 18 लाख नकद, 1.65 करोड़ के एफडी के पेपर और करीब 33 लाख के गहने मिले थे।