मेला स्नान पर बंद रहेंगी औद्योगिक इकाईयां
मुजफ्फरनगर।
इलाहाबाद में लगने वाले माघ मेले को लेकर प्रदेश सरकार ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। अब मेले में पड़ने वाली स्नान की प्रत्येक तिथि पर औद्योगिक इकाईयां बंद रहेंगी। सोमवार से बोर्ड और प्रशासनिक अधिकारी औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाले प्रदूषण की जांच-पड़ताल करेंगे। पहला स्नान दो जनवरी को पड़ रहा है। इससे पहले गंगाजल में विषैले तत्वों के साथ इंडस्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषण की रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
इलाहाबाद के संगम तट पर लगने वाला माघ मेला आस्था के लिहाज से बड़ा पर्व है। यह मेला महाशिवरात्रि तक चलता है। इसमें आम श्रद्धालुओं के साथ साधु-संत भी गंगा स्नान करते हैं। साधु-संतों ने गंगा में बढ़ते प्रदूषण पर प्रदेश सरकार को अवगत कराया है। इलाहाबाद क्षेत्र में यमुना में स्नान करने लायक स्थिति नहीं है। इसका खुलासा होने पर संत समाज अधिक विचलित हैं। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मामले में सख्त रुख अपनाया है। अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को गंगाजल के नमूनों की जांच के अलावा इंडस्ट्रियों के प्रदूषण की जांच करनी है। यह अभियान सोमवार से प्रारंभ होगा। इसमें बोर्ड के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक स्तर के अफसर भी शामिल रहेंगे। वहीं, बोर्ड को गंगा स्नान की तिथि पर जिलेभर की पेपर मिल्स, औद्योगिक इकाईयों को बंद कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक वैज्ञानिक डॉ डीसी पांडे ने बताया कि माघ मेले के लिए जो निर्देश आए हैं। उनमें स्नान की तिथियों पर इंडिस्ट्रयों को बंद रखा जाएगा। इनमें पेपर मिल्म, डिस्टलरी के साथ अन्य औद्योगिक इकाईयां शामिल है। हालांकि प्रदूषण जांच के लिए सोमवार से अभियान चलाया जा रहा है।
शुगर मिलों पर संशय बरकरार
मुजफ्फरनगर। माघ मेले में प्रदूषण के खतरे को कम करने के लिए औद्योगिक इकाईयों में बंद करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इनमें शुगर मिलों पर संशय है। जिले में आठ मुख्य शुगर मिल शामिल हैं। दिसंबर और जनवरी माह पेराई सत्र का पीक समय होता है। ऐसे में एक दिन के लिए भी इन्हें बंद कर पाना मुश्किल होगा। प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी भी इसको लेकर भ्रम हैं, कि शुगर मिलों का क्या किया जाएगा।
70 से अधिक हैं पेपर मिल्स
मुजफ्फरनगर। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार माघ मेले में गंगा स्नान पर पेपर मिल्स, डिस्टलरी के साथ दूषित जल छोड़ने वालों पर रोक रहेगी। जिले में करीब 70 से अधिक पेपर मिल्स संचालित है, जिनके माध्यम से रोजाना कई टन कारोबार होता है, जिन्हें स्नान पर बंद किया जा सकता है। इनके अलावा लोहा इंडस्ट्री और केमिकल फैक्ट्री भी दर्जनों की तादात है।
इन तिथियों पर लग सकता है झटका
माघ मेले में पहला स्नान दो जनवरी, 14 जनवरी, 16 या 17 जनवरी, 22 जनवरी, 31 जनवरी और 13 फरवरी को इंडस्ट्रियों पर बंदी का झटका लग सकता है।