श्रेष्ठ चरित्र से ही व्यक्ति बनता है आदर्श: आर्य
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गुरुकुल पद्धति के प्रणेता, देशभक्त और वैदिक संस्कृति के प्रतीक स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस पर उनकी राष्ट्र सेवाओं को याद किया गया। आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि नैतिक मूल्य और श्रेष्ठ चरित्र ही व्यक्ति को आदर्श बनाता है।
कृष्णापुरी स्थित एमडी पब्लिक स्कूल में छात्र-छात्राओं ने अमर हुतात्मा स्वामी श्रद्धानंद और पूर्व पीएम चौधरी चरण सिंह का स्मरण किया। यज्ञ में आहुतियां अर्पित कर बच्चों ने श्रद्धांजलि दी। मुख्य अतिथि आचार्य गुरुदत्त आर्य ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने ऋषियों की प्राचीन गुरुकुल परंपरा को स्थापित किया। हरिद्धार में वर्ष 1902 में गुरुकुल कांगड़ी की नींव रखी थी। स्वतंत्रता संग्राम में उनका संघर्ष, त्याग और सेवा अमिट है। भावी पीढ़ी महापुरुषों के आचरण से शिक्षा ग्रहण करें। पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह सच्चे आर्य थे। सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन को वे ग्रामीण भारत में आर्य समाज के प्रचार के पक्षधर रहे। प्रधानाचार्य अनिल आर्य ने कहा कि महान पुरुषों की गाथाएं सुनकर विद्यार्थी ज्ञानवान, गुणवान बनें। इंदु धीमान, शीतल, स्वेता, प्रीति त्यागी, अवनि आर्य, अरुण धीमान, प्रीति जैन, शुभम सिंघल, ममता वर्मा, देव धीमान आदि मौजूद रहे।
ं उज्ज्वल