खतौली विधानसभा क्षेत्र ने बनाई भाजपा के जीतने की राह
मुजफ्फरनगर। गठबंधन से कांटे के संघर्ष में भाजपा को मिली जीत की राह खतौली विधानसभा में बनी। मोदी क्रेज में भाजपा के डॉ संजीव बालियान को बंपर वोट मिले, जिसकी वजह से खतौली में उन्हें 14,332 मतों से छोटे चौधरी पर बढ़त मिली। हालांकि ऐसे गांवों की संख्या भी कम नहीं है, जहां दोनों प्रत्याशियों को 50 से भी कम वोट नसीब हो सके। गुर्जर, राजपूत, सैनी बहुल गांवों में केसरिया की धूम रही।
वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भी खतौली में मतदाता भाजपा के रंग के रंगे नजर आए थे। जिले की सभी छह सीटों में भाजपा के विक्रम सैनी ने सबसे बड़ी जीत दर्ज कराई थी। संसदीय चुनाव में भी वैसा ही असर दिखाई दिया। जीत के आंकडे़ यह सच बयां करते हैं। बुढ़ाना और चरथावल विधानसभा क्षेत्र में चौधरी अजित सिंह से पिछड़ने के बाद खतौली ने डॉ संजीव बालियान की जीत की राह बनाई। भाजपा को जहां रालोद के मुकाबले बंपर वोट मिला, उन बूथों में भंडूर में 1439, जंधेड़ी में 1515, खेड़ा चौगावां में 381, हाजीपुरा में 293, भलेड़ी में 1203, तालड़ा में 1359, बसायच में 1283, फैजाबाद में 657, मुस्तफाबाद में 442, मंतौड़ी में 492, अभीपुरा में 603, बुआड़ा कलां में 821, बुआड़ा खुर्द में 532, लाडपुर में 1181, पुटठा में 232, मढ़करीमपुर में 1111, खेड़ी रांगढान 1053, टिटौडा़ में 1379, टबीटा में 495, चांदसमंद में 1661, ककराला में 583, पिपलहेड़ा में 1292, फहीमपुर खुर्द में 903, पमनावली में 1102, चितौड़ा में 593, तुलसीपुर में 474, रतनपुरी 2081, मुजाहिदपुर में 1270, भूपखेड़ी में 823, धनश्यामपुरा में 894, लौहड्डा में 711 मत शामिल है। इन गांव के बूथों पर गठबंधन को 100 से कम वोट ही मिल पाए। हालांकि खतौली देहात में भाजपा को जो बढ़त मिली थी, उसे नगर क्षेत्र में झटका लगा। नगर पालिका इलाके के बूथों पर गठबंधन के हक में भाजपा की अपेक्षा अधिक मतदान हुआ। मुस्लिमों ने जोश के साथ छोटे चौधरी को वोट किया। जाट बहुल गांव सिखेड़ा, सादपुर, वाजिदपुर कवाली, बोपाड़ा, रायपुर नंगली, दूधाहेड़ी, सोंटा, जोहरा, मंसूरपुर, नोना, दौलतपुर, गदनपुरा, मीरापुर खुर्द, खानपुर, रसूलपुर कैलोरा में भाजपा और गठबंधन में वोट हासिल करने को कड़ी स्पर्धा रही। भैंसी गांव में अजित सिंह को 1441 तथा डॉ बालियान को 2649 मत मिले हैं। मतों के लिहाज से खतौली विधानसभा में गठबंधन को जहां 101239 मत मिले, वहीं भाजपा 116647 वोट पाने में सफल हो गई।
कई बूथों पर भाजपा भी मतों को तरसी
मुजफ्फरनगर। खतौली विधानसभा क्षेत्र में बंपर मिले वोट के बावजूद कई ऐसी बूथ रहे, जहां भाजपा को मत के लिए तरसना भी पड़ा। काटका के बूथ संख्या 17 पर 4, नावला के बूथ 108 पर 16, अहमदगढ़ में बूथ संख्या 202 पर 12, सिकंदरपुर कलां बूथ 256 पर 13, फुलत के बूथ 274 पर 6, देवीदास के बूथ संख्या 302 में 7, लाल मोहम्मद के बूथ 310 में 7, सद्दीकनगर के बूथ 312 में 10, इस्लामनगर के बूथ 317 में 14 और बूथ 320 में सात, शीतलनगर के बूथ 331 में एक, इस्लामाबाद भूड के बूथ 339 में पांच, बूथ 340 पर 15 और बूथ 341 पर 16 मत ही डॉ बालियान को मिले हैं।
रालोद को इन बूथों पर मिले 50 से कम वोट
मुजफ्फरनगर। गठबंधन प्रत्याशी चौधरी अजित सिंह खतौली विधानसभा सीट में कई बूथों पर 50 से कम मत ही मिल पाए। भंडूर में बूथ संख्या 9 पर उन्हें 47, तालड़ा के बूथ संख्या 62 पर 17, बसायच के बूथ संख्या 73 पर 16, अहरोडा के बूथ 74 पर 41, मुस्तफाबाद के बूथ संख्या 86 पर 42, खानूपुर के बूथ 104 पर 48, लाडपुर के बूथ संख्या 162 पर 29, मढ़करीमपुर के बूथ 178 पर 31, चांदसमंद के बूथ 196 पर 29, ककराला के बूथ संख्या 198 पर 20, फहीमपुर खुर्द के बूथ संख्या 201 पर 13, पमनावली के बूथ 222 पर 30, चितौड़ा के बूथ 223 पर 10, रतनपुरी के बूथ 247 पर 33, मुजाहिदपुर के बूथ 251 पर 44, भूपखेड़ी के बूथ 252 पर 35, जैननगर के बूथ 289 पर 42, मौहल्ला तगान के बूथ 290 पर 32, सैनी नगर के बूथ 326 पर 46, पार्श्वनाथ नगर के बूथ 327 पर 48 मत ही गठबंधन के हिस्से में आ सके।