मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ मुजफ्फरनगर शाखा ने एडीएम हरीशचंद्र और उनके परिवार का उत्पीड़न किए जाने का विरोध किया है। संघ ने एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी दिया, जिसमें नोएडा की घटना में एडीएम और उनके परिवार पर झूठे और तथ्यहीन मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया गया। सीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
मुख्यमंत्री के नाम भेजे गए ज्ञापन में कर्मचारी संघ ने कहा कि वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी हरीशचंद्र, उनकी पत्नी और परिवार के सदस्यों के विरुद्ध नोएडा थाने में रिटायर्ड कर्नल वीरेंद्र सिंह चौहान ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई है। उक्त प्रकरण में शासन द्वारा एडीएम को निलंबित कर दिया है। इससे पहले हरीशचंद्र की पत्नी के द्वारा रिटायर्ड कर्नल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। चौहान ने एडीएम के अध्ययनरत पुत्र के खिलाफ भी मुकदमा करा दिया है। झूठे एवं निराधार तथ्यों को प्रस्तुत करते हुए अनावश्यक दबाव बनाए जाने के कारण शासन स्तर पर निलंबन की कार्रवाई कराई गई है, इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारी संघ मुख्यमंत्री से यह मांग करता है कि इस प्रकरण में हस्तक्षेप करते हुए शासन स्तर पर एडीएम और उनके परिवार के खिलाफ हो रही उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराकर यथोचित कार्रवाई कराने का कष्ट करें। एडीएम वित्त सियाराम मौर्य को ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, जिला मंत्री मूलचंद शर्मा, अनिल कुमार, मधसूदन त्यागी, प्रवीण कुमार, धीरजपाल, महक सिंह, विनोद शीलवंत, कुलदीप शर्मा, रतनलाल, सुल्ताना आदि शामिल रहे।