मुजफ्फरनगर। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों की क्लास लगाई है। डीएम ने साफ कहा कि एसीएमओ खानापूर्ति के लिए निरीक्षण करते हैं, जबकि समीक्षा में आधे-अधूरे आंकड़े पेश किए जाते हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। विभागीय अधिकारियों को सीएचसी-पीएचसी का निरीक्षण उसकी साप्ताहिक रिपोर्ट देनी होगी।
बृहस्पतिवार को डीएम जीएस प्रियदर्शी ने जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा मीटिंग ली। डीएम ने सीएचसी-पीएचसी के साथ उपकेंद्रों के निरीक्षण की एसीएमओ से रिपोर्ट मांगी। इस पर कई अधिकारी बगले झांकने लगे। इस पर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। डीएम ने कहा कि सीएचसी-पीएचसी पर बिजली व्यवस्था दुुरुस्त करने के साथ ही पर्दों की साफ-सफाई आदि पूर्ण होनी चाहिए। जागरूकता कार्यक्रम चलाकर पुरुष नसबंदी में इजाफा किया जाए। साथ ही संस्थागत प्रसवों को बढ़ावे के लिए टीम को सतर्क करें। डीएम ने कहा कि सरकार गरीबों के लिए स्वास्थ्य विभाग पर बड़ी धनराशि व्यय करती है। लेकिन, विभाग उसके अनुरूप सेवा नहीं कर रहा है। संगनी जननी सुरक्षा योजना में सहयोग नहीं करती है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई करें। पीसीपीएनडीटी एक्ट को प्रभावी रूप नहीं दिए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई है। इस कार्य के लिए जो समिति गठित की गई है, उसको साथ लेकर विभागीय अधिकारी जांच करें। बैठक में सीएमओ पीएस मिश्रा समेत अनेक विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।