फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हादसे में शिक्षिका मां और दो बेटों की मौत

विज्ञापन
विज्ञापन
हादसे में शिक्षिका मां और दो बेटों की मौत
विज्ञापन

मुजफ्फरनगर।
असम के ़िडब्रूगड़ में हुए सड़क हादसे में शहर के दक्षिणी सिविल लाइंस निवासी महिला और उसके दो बेटों की मौत हो गई है। अधिवक्ता शिवकरण सिंह की शिक्षिका बेटी मोनिका अपने दो पुत्रों के साथ कार से स्कूल जा रही थी। अनियंत्रित कार पेड़ से टकराने पर तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतका का पति बिजनौर निवासी संजीव कुमार डिब्रूगढ़ में चाय बागान के प्रबंधक है। दुर्घटना से परिवार स्तब्ध है और शोक छाया है। परिजनों को उनके शवों के आने का इंतजार है।
बुढ़ाना तहसील में अधिवक्ता शिवकरण सिंह के दक्षिणी सिविल लाइंस में घर पर कोहराम मचा है। उनकी छोटी बेटी मोनिका (43) अपने बेटों सक्षम (16) और प्रियम (13) के साथ शुक्रवार सुबह असम के डिब्रूगढ़ शहर स्थित दून बॉस्को स्कूल में कार से जा रही थी। बड़ा बेटा सक्षम कार चला रहा था। उसने सड़क में बड़े गड्ढे से बचने के प्रयास में कार से नियंत्रण खो दिया। तेज स्पीड में कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। मां और दोनों बेटों की मौके पर ही मौत हो गई। मोनिका दून बॉस्को स्कूल में शिक्षिका थी और वहीं बेटे पढ़ते थे। हादसे की खबर परिवार में पहुंची तो हर किसी का दिल बैठ गया। नाते रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मोनिका के घर दुख व्यक्त करने वालों का तांता लगा है। मां कमलेश बेटी और नातियों की मौत से बेहाल हैं। बड़ी बहन मनीषा ने बताया कि मोनिका की शादी वर्ष 2000 में बिजनौर के नजीबाबाद रोड स्थित नया गांव निवासी संजीव कुमार पुत्र तुलाराम के साथ हुई थी। बीते कई सालों से यह परिवार असम में रह रहा था। जीजा संजीव वहां चाय बागान में मैनेजर है। परिवार में बहन के अलावा केवल दो बेटे ही थे। इस हादसे से परिवार टूट गया है। भाई अवनीश दिल्ली एयरपोर्ट पर बहन और भांजों के शव लेने गया है। देर रात तक शव बहन के ससुराल बिजनौर के नया गांव पहुंचेंगे, जहां रविवार सुबह मां और बेटों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन

सक्षम ने दसवीं में पाई थी रैंक
मुजफ्फरनगर। मोनिका का बड़ा बेटा सक्षम पढ़ाई में अव्वल था। उसने आईसीएसई 2018 की हाईस्कूल की परीक्षा में 96.80 प्रतिशत अंक लेकर दून बॉस्को स्कूल को टॉप किया था। छोटा बेटा प्रियम कक्षा नौ का छात्र था। पहले यह परिवार जलपाईगुड़ी में रहता था। हाल में ही डिब्रूगढ़ शिफ्ट हो गया था। मोनिका शादी से पहले शहर के चौधरी छोटूराम डिग्री कॉलेज में ट्यूटर रही।
विज्ञापन

पापा, घरआकर सरप्राइज दूंगी
मुजफ्फरनगर। मोनिका ने परिजनों को सरप्राइज देने की बात कही थी। बीते दो साल से वह अपने बेटों के साथ पिता के घर नहीं आई थी। पिता शिवकरण सिंह ने बताया कि दो दिन पहले ही मोनिका ने इसी माह मुजफ्फरनगर आने की बात कही। उसने बताया था कि पापा यात्रा के टिकट बुक हो चुके हैं, लेकिन आने की तारीख नहीं बताऊंगी। अचानक घर आकर सभी को सरप्राइज दूंगी। बेटी अपने बेटों के संग नहीं आ पाई और सड़क हादसे में उनकी जिंदगी छीन ली।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें