फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहाड़ की परीक्षा में होनहारों ने गाड़े झंडे

विज्ञापन
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। उत्तराखंड की परीक्षा में जिले के तीन मेधावियों ने झंडे गाड़कर मुजफ्फरनगर का नाम रोशन कर दिया। पूरे दिन तीनों के घर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।
विज्ञापन

सदर बीडीओ वंदना वर्मा ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा की डीएसपी सूची में 16वीं रैंक हासिल की है। यूपी पीसीएस परीक्षा में खंड विकास अधिकारी चुनी गईं वर्मा भविष्य में आईएएस के लिए कदम बढ़ाएंगी। उत्तराखंड लोकसेवा आयोग के घोषित रिजल्ट में उन्हें डीएसपी पद के लिए चुना गया है। बीडीओ का पद छोड़कर वह अपने गृह राज्य में सीओ बनेंगी। डीएसपी बनने से प्रफुल्लित वंदना वर्मा को दिनभर बधाइयां देने का सिलसिला चलता रहा। जिले में उन्हें सितंबर 2015 में बीडीओ के पद पर पहली पोस्टिंग मिली थी। सदर ब्लाक में बीडीओ के साथ उन पर शाहपुर का भी अतिरिक्त चार्ज है। देहरादून के डाकपत्थर स्थित मोहल्ला सरस्वती विहार निवासी वंदना वर्मा के पिता महेंद्र लाल वर्मा विद्युत विभाग से सेवानिवृत्त हैं, जबकि मां वीना वर्मा गृहणी हैं। परिवार में छोटा भाई दीपक है। अमर उजाला से बातचीत में बीडीओ वंदना ने अपनी नई सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। साथ ही शैक्षिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि ऋषिकुल आयुर्वेदिक महाविद्यालय से वर्ष 2012 में बीएएमएस की चिकित्सा उपाधि ली, लेकिन उन्हें टेबिल वर्क पसंद नहीं था। सिविल सर्विसेज की तैयारी में जुटीं।
पहले यूपीपीसीएस क्वालिफाई किया। उन्होंने देहरादून के विकास नगर स्थित कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं तथा पोंटा साहिब के गुरुनानक मिशन पब्लिक स्कूल से 12वीं पास की। समाज शास्त्र उनका पसंदीदा विषय रहा। वंदना कहती हैं कि सिविल सर्विसेज एग्जाम के लिए अभ्यर्थी सेलेबस गहनता से तय करें।
विज्ञापन


प्रशांत के घर छाई खुशियां, बांटी मिठाई
फोटो...
भोपा।
उत्तराखंड पीसीएस की मुख्य परीक्षा में चयनित कस्बे के प्रशांत अहलूवालिया की कामयाबी से परिवार में गर्व की खुशियां छाई हैं।
लखनऊ सचिवालय में उप सचिव डॉ ध्रुवपाल सिंह अहलूवालिया के पुत्र का पीसीएस में चयन हुआ है। वह फिलहाल असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। शहर के डीएवी डिग्री कॉलेज से समाजशास्त्र में परास्नातक के बाद उन्होंने यूजीसी की जेआरएफ परीक्षा दो बार उत्तीर्ण की। अब वह आईएएस बनना चाहते हैं। कामयाबी का श्रेय स्वर्गीय बाबा चौधरी सुरेश कुमार अहलूवालिया के साथ पिता के मार्गदर्शन को देते हैं। वृहद अध्ययन, स्तरीय पाठ्य सामग्री और कड़ी मेहनत ही सफलता का मूलमंत्र है। दादी प्रेमलता, मां पूजा वालिया, चाचा एसडीओ प्रणपाल, चाची पूनम, भाई श्रीकांत ने मिठाईयां खिलाकर खुशियां मनाई। देहरादून प्यूनी के राजकीय महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर उनकी बहन शीतल को उम्मीदें है कि प्रशांत आईएएस परीक्षा पास करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें